हादसों के बाद भी अनदेखी
{रोकथाम के लिए नहीं हो सके उपाय, जिम्मेदारों की लापरवाही
{ सालों से है समस्या, अभी तक जा चुकी है कई लोगों की जान
कार्यालयसंवाददाता | आष्टा
नगरमें कई प्रमुख मार्गों के अंधे मोड़ लोगों के लिए लंबे समय से हादसे का कारण बने हुए हैं। यहां से गुजरते समय कई बार लोग हादसों का शिकार हो जाते हैं। इसके बावजूद इन स्थानों पर स्पीड ब्रेकर या दिशा सूचक बोर्ड नहीं लगाए हैं और ही ट्रैफिक पुलिस की व्यवस्था की है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी अंजान लोगों को हो रही है।
गौरतलब है कि नगर में अनेक चौराहे ऐसे हैं जिनका सौंदर्यीकरण नहीं होने से वह उजाड़ बने हुए हैं। इनमें से कई चौराहे तो ऐसे हैं जहां से गुजरते समय आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। मोड़ के कारण दूसरे आने वाले वाहन चालकों को भी वाहन का पता नहीं चल पाता है और उनकी आमने-सामने भिड़ंत हो जाती है। इन जगहों पर गोल रोटरी चौराहों की दरकार है। इसके बावजूद जिम्मेदारों ने अब तक इस ओर कोई पहल नहीं की है। नगर के लोगों का कहना है कि इन चौराहों पर हादसे रोकने के लिए उपाय करने चाहिए। इसके बाद भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
इनस्थानों पर लोगों को होती है सबसे अधिक परेशानी
पुरानेभोपाल-इंदौर हाईवे स्थित इंदौर तथा भोपाल नाका चौराहा पर समस्या बनी हुई है। यहां इंदौर नाका खतरनाक तिराहा बना हुआ है। यहां से भोपाल-इंदौर के अलावा शुजालपुर रोड निकला हुआ है, जिससे ऐसा पता नहीं चल पाता है कि भोपाल से आने वाला वाहन इंदौर जाएगा या शुजालपुर के लिए सीधा जाएगा। इसी प्रकार भोपाल नाके की स्थिति बनी हुई है। यहां पर भोपाल, कन्नौद तथा मुगली मार्ग निकला हुआ है। यहां पर भी किसी प्रकार के संकेतक बोर्ड नहीं होने से परेशानी बनी रहती है। वहीं आए दिन जाम की स्थिति से लोगों को गुजरना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कतें साप्ताहिक हाट बाजार के दिन होती है।
कार्य जारी है
^नगरपालिका ने कई स्थानों पर प्रमुख चौराहों पर साैंदर्यीकरण का कार्य किया है जो आगे भी जारी रहेगा। वहीं अंधे मोड़ों पर ब्रेकर बनाकर दिशा सूचक बोर्ड भी लगाए जाएंगे। अरविंदकपूर, सीएमओनपा
ट्रैफिक पुलिस का अभाव
नगरमें बढ़ते यातायात के साथ लंबे समय से ट्रैफिक पुलिस की भी कमी खलने लगी है। यही कारण है कि अधिकांश चौराहों पर दिनभर सैकड़ों वाहनों के गुजरने भीड़ के बाद भी वाहन चालक वाहनों को