बेमाैसम आम के पेड़ में लग गए फल
न्यूज़ इनबॉक्स
बेमाैसम आम के पेड़ में लग गए फल
जावर | प्रकृतिमौसम में हो रहे असमय परिवर्तन से वातावरण में गर्मी का असर पेड़ पौधों पर भी पड़ने लगा है। आम तौर पर चैत्र, बैसाख के माह में आम के पेड़ों में फल लगते हैं, लेकिन गांव शेकूखेड़ा के किसान की मेढ़ पर लगे आम के पेड़ में इस समय केरी लगी हुई है। उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षों से प्रकृति में अससमय परिवर्तन हो रहा है। इसका असर कई चीजों पर पड़ा है। इन परिवर्तनों को जहां कृषि विशेषज्ञ प्रकाश संश्लेषण और ग्लोबल वार्मिंग के कारण पौधों में हारमोंस की मात्रा बढ़ना बता रहे हैं, वहीं ज्योतिष विशेषज्ञ परिवर्तन को कारण मान रहे हैं। खजूरिया के किसान कल्याण सिंह का कहना है कि आम तौर पर आम के पेड़ो में चैत्र बैसाख के महीने में केरी लगती है लेकिन गांव शेकूखेड़ा के किसान बाबूलाल के कुएं पर लगे आम के पेड़ों में से एक पर बेमौसम केरी लगी देखकर लोग आश्चर्यचकित हो रहे हैं। इसी तरह नगर के किसान विक्रम सिंह ने भी बताया कि उसके कुएं पर लगे आम के पेड़ों में से एक में केरियां लगी हुई हैं।
दशहरेकी तैयारी के लिए बैठक हुई
आष्टा | विकासखंडके गांव खड़ी हाट के श्रीराम मंदिर में दशहरा उत्सव समिति द्वारा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में इस वर्ष भी दशहरा पर्व धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में समिति के अध्यक्ष पद पर राजेंद्र प्रसाद तथा गोविंद सिंह ठाकुर सुरेश पटेल को उपाध्यक्ष, सचिव लक्ष्मीचंद वर्मा, कोषाध्यक्ष सुरेश पटेल कार्यक्रम का संरक्षक मनोहर सिंह पटेल को नियुक्त किया गया। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि परंपरा अनुसार इस वर्ष भी दशहरा के दूसरे दिन कार्यक्रम मनाया जाएगा। इस अवसर पर रंजीत सिंह पटेल, सीमाराम वर्मा, लक्ष्मीनारायण वर्मा, सुरेंद्र सिंह ठाकुर, प्रकाश पटेल, राजमल वर्मा, पप्पू तलेटी, नन्नू लाल आदि उपस्थित थे।
नवदुर्गाउत्सव समिति के अध्यक्ष बने गौतम
आष्टा | नगरके गंज चौराहा नवदुर्गा उत्सव समिति के अध्यक्ष पद पर राजेश गौतम को सर्व सम्मति से मनोनित किया गया। उल्लेखनीय है कि गंज चौराहा पर मां का चैतन्य स्थल होने के कारण काफी संख्या में श्रद्धालु प्रत्येक दिन दर्शन के लिए आते हैं। वहीं नवरात्रि पर्व के दौरान आरती में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति भी रहती है। इस वर्ष भी मां दुर्गा की मनमोहक प्रतिमा प्रदेश की राजध