तालाब पर बढ़ने लगी चहल पहल
नगर के बीच स्थित कूड़ाघर बनते काला तालाब को प्रशासन की पहल के बाद एक नया स्वरूप मिल गया है। सुबह और शाम के समय अब यहां लोगों की मौजूदगी दिखाई देने लगी है। प्रशासन की पहल पर जनभागीदारी से घाट को पिकनिक स्पॉट बनाया गया है।
तालाब का तेजी से सौंदर्यीकरण कार्य किया गया है। नगर पालिका क्षेत्र की 60 हजार के करीब आबादी वाले इस शहर में एक भी पार्क या पिकनिक स्पॉट नहीं था। नपा ने कन्नौद रोड पर पार्क की बुनियाद रखी थी, लेकिन उसका निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इस कारण बड़ा आबादी क्षेत्र होने के बाद भी अभी तक यहां पर पार्क नहीं बनाया गया है। लेकिन एसडीएम नरोत्तम भार्गव ने पहल करते हुए काला तालाब को विकल्प के रूप में जनभागीदारी से सौंदर्यीकरण का खाका तैयार किया था। इसके लिए नगर के समाजसेवी लोगों ने सहयोग करते हुए काला तालाब को संवारने की योजना को अमलीजामा पहनाकर पिकनिक स्पॉट बनाया गया है।
हरियाली के साथ किए इंतजाम
जनभागीदारी से किए गए सौंदर्यीकरण की शुरूआत काला तालाब के घाट से की गई है। यहां पर प्रशासन ने अपनी देखरेख में आसपास रेलिंग तथा पेवर्स लगाए गए हैं। साथ ही घाट के आसपास आराम दायक कुर्सियां लैंप व्यवस्था तथा आसपास हरियाली के लिए पौधे लगाए गए हैं। इससे घाट की सुंदरता निखर आई है। यहां पर लोगों का आना-जाना भी शुरू हो गया है। आसपास के अन्य जल स्त्रोंतों को इसी तरह आकर्षक स्थल बनाया जा सकता है।
खेड़ापति तालाब भी हो रहा उपेक्षा का शिकार
नगर का प्राचीन खेड़ापति कमल तालाब इस समय अव्यवस्था का शिकार बना हुआ है। तालाब के सभी घाट क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। तालाब की अधिकांश जमीन पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। उसके बाद भी नगर पालिका ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया है। जबकि नगर पालिका कमल तालाब से मछली पालन के रूप में राजस्व भी प्राप्त करती है। इसके बाद भी तालाब में गंदगी बनी हुई है। यदि खेड़ापति काला तालाब की भूमि का सीमांकन किया जाए तो क्षेत्रफल बढ़ सकता है। इसके साथ ही अन्य तालाब भी अनदेखी के शिकार हो रहे हैं। यहां भी थोड़े प्रयास से सौंदर्यीकरण किया जा सकता है। इस संबंध में एसडीएम नरोत्तम भार्गव का कहना है कि काला तालाब के बाद खेड़ापति तालाब को भी संवारने का प्रयास किया जाएगा।
आष्टा. नगर केे काला तालाब का सौंदर्यीकरण होने के बाद लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी ह