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बिना प्रलोभन के करें ईश्वर की पूजा: आचार्यश्री
बिना प्रलोभन के करें ईश्वर की पूजा: आचार्यश्री
{श्वेतांबरजैन मंदिर में हुए प्रवचन
कार्यालयसंवाददाता | आष्टा
अधिकांशश्रावक-श्राविकाएं भगवान के द्वार पर भिखारी बनकर जाते हैं। जबकि भगवान की पूजा-अर्चना बिना किसी प्रलोभन के करना चाहिए। जिस प्रकार किसान अपने खेत में बीज बोता है उसके कुछ माह पश्चात वह फसल प्राप्त करता है उसी प्रकार आपको भी भगवान की भक्ति नित्य श्रद्धा के साथ करना चाहिए।
यह बातें महावीर श्वेतांबर जैन मंदिर के उपाश्रय में आचार्य कुमूदचंद सूरी महाराज ने अपने आशीष वचन के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि प्रभु आस्था का केंद्र है, परमात्मा को अपनी भक्ति के माध्यम से अपना बनाने का प्रयास प्रत्येक मानव को करना चाहिए। आप इस काम में सफल हो गए तो निश्चित ही मनुष्य जीवन भी सार्थक कर लेंगे।
परिवार समाज, नाते-रिश्तेदार के लिए आपने जाने क्या क्या किया, लेकिन कोई भी आपका साथी नहीं हुआ। अगर इतना ही समय परमात्मा की भक्ति में लगाएंगे तो जीवन का बेड़ा पार हो जाएगा। आचार्यश्री ने कहा कि विपरीत परिस्थिति में भी परमात्मा को भूले और अच्छी परिस्थिति में धर्म ध्यान नहीं भूले। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौज्ूद थे।