पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • रामपुरा डेम से नदी में छोड़ा पानी

रामपुरा डेम से नदी में छोड़ा पानी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
नगरकी जलापूर्ति के लिए नगर पालिका के रामपुरा डेम से पानी छोड़ने के आवेदन पर सिंचाई विभाग ने पार्वती नदी में पानी छोड़ दिया है जो अभी तक अरोलिया गांव तक पहुंच गया है। इसे देखते हुए आगामी चार दिनों में पार्वती बैराज तक पानी के पहुंचने की उम्मीद है। इस समय पार्वती नदी पूरी तरह से खाली हो चुकी है। एक सप्ताह बाद पार्वती बैराज पानी से लबालब भरा जाएगा।

पार्वती बैराज में पानी आने के बाद शहर वासियों को पानी की समस्या से निजात मिलेगी। वहीं प्रशासन के सामने पानी बचाने की सबसे बड़ी चुनौती होगी। गौरतलब है कि इस बार नगर की पार्वती नदी दिसंबर माह में ही सूख गई है। इस पर नगर पालिका ने रामपुरा डेम से पानी छुड़ाने के लिए सिंचाई विभाग को दो सप्ताह पूर्व आवदेन दिया था। सिंचाई विभाग ने डेम से पानी छोड़ने के लिए राशि की डिमांड की थी। इस पर नपा ने नवनिर्वाचित परिषद के गठन के बाद राशि भुगतान करने के आश्वासन पर सिंचाई विभाग ने रामपुरा डेम से पानी छोड़ा गया है। 11 दिसंबर को सिंचाई विभाग ने रामपुरा डेम से पानी छोड़ा है। उल्लेखनीय है कि इस बार नगर पालिका ने समय रहते पार्वती बैराज के गेट बंद नहीं किए थे। इस कारण बारिश का पानी अधिकांश बह गया था। रबी फसल के लिए पलेवा सिंचाई कार्य होने से पानी का जमकर दोहन किया गया। वहीं नगरीय चुनाव के चलते पानी चोरी करने वालों पर भी शिकंजा नहीं कस सका था। वर्तमान में पार्वती नदी की स्थिति यह हो गई है कि शंकर मंदिर स्थित नदी का घाट सूखा मैदान बन गया है। वहीं खस्ताहाल शटरों तथा आसपास के किसानों ने मोटर पंपों से अवैध रूप से रबी फसल में सिंचाई के काम में लेने से तेजी से नदी से पानी खत्म हो रहा है। स्टाप डेमों के सभी गेट खुलवाए- नगर पालिका ने सिंचाई विभाग को रामपुरा डेम से पानी छुड़वाने के लिए आवेदन देने के बाद शटर खुलवाए गए थे। पार्वती नदी में पानी ले जाने के लिए लसूड़िया पार, परोलियापार, ताजपुरा, पगारियाहाट, मेमदाखेड़ी, पटाड़ा चौहानस्टाप डेमों के शटर भी नगर पालिका अमले ने खुलवाए थे। इससे इस बार पानी तेज गति से आष्टा पार्वती बैराज तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

सिंचाई से अधिक होगा पानी चोरी

पार्वतीबैराज में पानी आने के बाद नगर पालिका ने अवैध पानी की चोरी रोकने के लिए सर्चिंग टीम का गठन नहीं किया तो यह भी सिंचाई की भेंट चढ़ सकता है। पिछले दो दिनों से मा