मुरम के अवैध उत्खनन पर नहीं लगी रोक, ओवरलोिडंग भी जारी
आष्टा-जावर तहसील क्षेत्र के तहत आने वाले गोपालपुर, हमीदखेड़ी, मालीपुरा, चन्नौठा, खड़ी, खोयरा, भंवरा, बागेर, हकीमाबाद, खेनियापुरा, खामखेड़ा, धुराड़ाकला, सिंगारचोरी, खजूरिया कासम, लसूड़िया पार पगारिया, रूपेटा आदि गांवों की पहाड़ियों से लंबे समय से मुरम का अवैध खनन किया जा रहा है।
रायल्टी से अधिक खुदाई
क्षेत्र में सबसे अधिक मुरम की खुदाई की जा रही है। इससे पठार गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। इससे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री सड़कों की हालत भी खराब हो चुकी है। इसी तरह उमरपुर पठार पर विस्फोट भी बंद नहीं किए जा रहे हैं। इससे आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को गड्ढों से परेशानी होती है।
कुछ दिन पहले कार्रवाई की फिर मामले को यूं ही छोड़ दिया
जावर में इन स्थानों से खनन
इंदौर-भेापाल मार्ग पर स्थित खड़ी जोड़, डोडी घाटी, रिकांडो जोड़, पगारिया घाटी, सिंगन की टेकरी, सरहदी के साथ ही कई गावों में ऊंची पहाड़ियां हुआ करती थीं, लेकिन आज उन पहाड़ियों से मुरम की खुदाई हाेने से वह गड्ढों में बदल गई हैं। यही हाल क्षेत्र की जीवन दायिनी नेवज नदी व अन्य नदी नालों के हैं।
इस समय पहाड़ियों पर जेसीबी से किया जा रहा खनन
भास्कर संवाददाता | आष्टा
क्षेत्र में रेत व मुरम के अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। खनिज विभाग ने पिछले लंबे समय से नगर से होकर निकलने वाले वाहनों पर कार्रवाई नहीं की है। हालांकि पिछले दिनों जरूर अतिरिक्त तहसीलदार ने कार्रवाई कर तीन वाहन जब्त किए थे। इसके बाद से फिर ओवर लोड वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
नर्मदा नदी से रेत पर रोक हटने के बाद से ही रायल्टी के नियमानुसार वाहन लोड करने की बजाए मनमानी तरीके से वाहनों को ओवर लोड भरकर बालू रेत का परिवहन किया जा रहा है। इससे जहां शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरने के कारण हादसों का भी भय बना रहता है। पिछले दिनों अतिरिक्त तहसीलदार महेश अग्रवाल ने ओवर लोड दो हाइवा वाहनों तथा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पर कार्रवाई की थी। इनमें रायल्टी से अधिक रेत भरी हुई थी।
गौरतलब है कि खनिज विभाग ने इस तरह चल रहे ओवर लोड वाहनों पर लंबे समय से कार्रवाई नहीं की है। वहीं तहसील के कई गांवों की पहाड़ियों से वर्षों से मुरम का अवैध खनन किया जा रहा है। इससे पहाड़ियां गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। पिछले साल खनिज विभाग ने मुरम व रेत का परिवहन करने वाले डंपरों पर लगातार कार्रवाई की थी। पहाड़ियों से खनन कर किया जा रहा है।
कार्रवाई की जाती है
वैसे तो खनिज का अवैध खनन व परिवहन पर कार्रवाई करना माइनिंग की जिम्मेदारी है। फिर भी समय-समय पर कार्रवाई करते हैं। अभिषेक गहलोत, एसडीएम
प्रशासन ने पिछले दिनों ओवरलोड डंपर जब्त किए थे।
खदानों में मनमर्जी से उत्खनन हो रहा है।
रेत खनन कर किया अवैध स्टॉक
नगर की पार्वती नदी दिसंबर में सूखने पर रेत माफियाओं ने जेसीबी मशीनों से जमकर अवैध खनन किया था। इसकी सूचना भी स्थानीय प्रशासन को लगातार दी गई थी, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। लोगों ने रेत का अवैध स्टाक कर रखा है जो अब मनमाने दामों पर बेच रहे हैं। वर्तमान में नदी का जलस्तर गिरने से रेत माफियाओं ने रेत निकालने का कार्य शुरू कर दिया है। इससे नदी गड्ढों में तब्दील हो रही है। बिना अनुमति के नदी और नालों से रेत निकाली जा रही है।
नहीं होती रायल्टी की जांच
ब्लाक में पठारों तथा नदियों से मुरम, पत्थर तथा रेत का अवैध खनन किया जाता है। इनमें से कई तो रायल्टी से अधिक खनन कर शासन को राजस्व का नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि अधिकतर खनन माफिया बिना रायल्टी के ही रात में खनन करते हैं। इसी तरह क्षेत्र के दर्जन भर गिट्टी क्रेशर मशीनों पर बिना रायल्टी के अवैध रूप से इसका परिवहन किया जा रहा है। विभाग ने जिन खदानों व पठारों की रायल्टी प्रदान की है, यदि उनकी जांच की जाए तो रायल्टी से अधिक का दायरा खुदाई की भेंट चढ़ चुका है। क्षेत्र में सबसे अधिक मुरम की खुदाई की जा रही है। इससे पठार भी गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। इससे प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री सड़कों की हालत भी खराब हो चुकी है।