पट्टे दिलाने लगाई गुहार
विकासखंड के गांव चिन्नौठा में दो वर्ष पहले दलित समाज के लोगों ने पट्टा बनाने के लिए ग्राम पंचायत में आवेदन किया था। इसके बाद भी आज तक उनका पट्टा नहीं बन सका है। इसे लेकर गांव की महिलाओं ने मंगलवार को तहसील कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में एसडीएम के नाम तहसीलदार को आवेदन दिया।
आवेदन में बताया कि दलित समाज के 35 परिवार के लोगों ने वर्ष 2012 में आवास पट्टा बनाने के लिए आवेदन किया था। आवेदन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण पट्टे नहीं बन सके हैं। इसकी ग्राम पंचायत में जानकारी लेने के लिए जाते हैं तो वह पर भी गुमराह किया जाता है। साथ ही कहा जाता है कि उनका घर ग्राम आबादी में नहीं है। ग्राम आबादी में मोहल्ला नहीं होने के कारण हम सभी लोगों ने 26 जनवरी 2014 की ग्रामसभा की बैठक में भागीदारी की थी। इसमें प्रस्ताव रखा था कि गांव की इंदिरा कॉलोनी को ग्राम आबादी में शामिल किया जाए। उस पर सभी सदस्यों ने विचार विमर्श कर कॉलोनी को ग्राम आबादी में करने के लिए प्रस्ताव का अनुमोदन किया था। इसमें दोबारा पट्टा के लिए आवेदन देने की बात कहीं थी। इसके बाद 11 फरवरी को तहसील कार्यालय में एक साथ आवेदन जमा किया था।
ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि पट्टा नहीं बनने से उनको शासन की जनकल्याणरी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आवेदन देने वालों में ललता बाई, मेमकला बाई, जमना बाई, कौशल्या बाई, इमरत बाई, आशा बाई, चिंता बाई, नजमा बी, सीता बाई, राजल बाई, द्रोपता बाई, शांता बाई आदि हैं।