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काम पूरा होने का इंतजार

7 वर्ष पहले
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{आचार संहिता के चलते ठप हो गए थे निर्माण कार्य

{ पंचायत चुनाव के कारण भी निर्माण कार्यों पर असर पड़ेगा

कार्यालयसंवाददाता | आष्टा

नगरीयक्षेत्रों में जिन अधूरे कामों को चुनावों के कारण छोड़ दिया गया था, अब लोगों को उनके पूरा होने का इंतजार है। यह सभी काम पहले भी काफी धीमी गति से ही चल रहे थे। सबसे बड़ी जरूरत शहर को शुद्ध पेयजल मिलने की है। जिससे लोगों को नदी के बिना फिल्टर के पानी से निजात मिल सकेगी।

विधानसभा, लोकसभा अब नगरीय निकाय चुनावों के माहौल के कारण कई विकास कार्य शुरू होने के बाद भी पूरे नहीं हो पाए हैं। वहीं कई विकास कार्य का सिर्फ भूमिपूजन ही हो पाया था। इस दौरान शहर में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य की गति धीमी होने के साथ ही लापरवाही भी बरती गई। जो निर्माण कार्य पूर्व के स्वीकृत हैं उनको भी अभी तक शुरू नहीं किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से पार्क निर्माण, सीवेज लाइन, इंटकवेल है। इनमें सभी के निर्माण कार्य बंद पड़े हुए हैं। जो नए कार्य स्वीकृत हुए थे वे आचार संहिता लागू होने के बाद वहीं के वहीं छोड़ दिए गए। अब आचार संहिता हटने के बाद इन कार्यों शुरू होना है। पिछले 10 वर्षीय कार्यकाल में नगर को विकास की गति देने वाले नवनिर्वाचित नपाध्यक्ष कैलाश परमार से अब लोगों को उम्मीद है कि इन विकास कार्यों को गति मिलेगी। इसी प्रकार नगर में कई छोटे निर्माण कार्य वार्डों में अधूरे पड़े हुए हैं। इससे जनता को रोजाना परेशानी हो रही है। क्योंकि ठेकेदार ने इन कार्यों को आचार संहिता लागू होने के कुछ समय पहले ही शुरू किए थे, निर्माण कार्य की खुदाई के कारण रहवासियों को पिछले एक माह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

धीमीगति से अटकी योजना

शहरभर को नगर की पार्वती नदी से सीधे नल कनेक्शनों के माध्यम से लोगों को शुद्ध जल मिल सके, इसके लिए यूआईडीएसएसएमटी से 17 करोड़ की योजना संचालित है। जो ठेकेदार की धीमी गति के कारण लाइन नहीं डलने से योजना का कार्य पूरा नहीं हो सका है। फिल्टर प्लांट के शुरू होने का कार्य डिस्ट्रीब्यूशन लाइन पर अटका हुआ था, लेकिन वह लाइनें भी पूरे 18 वार्डों में डाली जा चुकी हैं। इसके बाद भी शहर के लोगों को फिल्टर प्लांट का शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है।

नहीं मिल रहे कर्मचारी

नगरीयचुनाव होने के बाद भी नगर पालिका में समय पर कर्मच