नगर के बाद ग्रामीण सरकार की बारी
नगरीयनिकाय चुनाव होने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव होना है। इसके चलते सरपंच का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार जहां तैयारी में जोरशोर से जुटे गए हैं तो वहीं जनता से भी संपर्क बनाने में लग गए हैं।
विकासखंड की सभी पंचायतों में जनवरी में चुनाव होना है। बीते दिनों पंचायत का आरक्षण भी हो चुका है। उसके बाद से ही सरपंच का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार चुनाव की तैयारी में जोरशोर से जुट गए हैं। वह लोगों के घरों पर जहां दस्तक दे रहे हैं तो वहीं संपर्क भी बढ़ाने लग गए हैं। वहीं दूसरी तरफ चौपालों से लेकर हर जगह चुनाव चर्चाएं चल रही है। लोग अपनी पसंद के उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारने की बात कह रहे हैं।
नएउम्मीदवार से काफी उम्मीद : कईगांवों के लोग अनेक समस्याओं से लंबे समय से जूझ रहे हैं। इसमें कई जगहों पर गलियों में पक्का कांक्रीट रोड नहीं बना होने से कीचड़ की स्थिति बनी हुई है तो वहीं नालियां नहीं बनी होने से गंदा पानी मुख्य मार्गो पर भरा रहता है। इससे आने जाने में लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीणों को पंचायत चुनाव होने के बाद जो उम्मीदवार सरपंच बनेगा उससे इन समस्याओं के समाधान होने की उम्मीद जागने लगी है। उल्लेखनीय है कि कई गांवों में विकास के कार्य नहीं हो पाए हैं। इस कारण इन गांवों में मुलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।