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निपटारे से ज्यादा राशि मांगने पर हंगामा

7 वर्ष पहले
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तहसीलकार्यालय में सभी किसानों ने पहुंचकर नारेबाजी करना शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया तथा किसानों की बात सुनी। इस दौरान किसानों का कहना था कि उनमें से कई किसान ऐसे हैं जिन पर जबरदस्ती झूठे प्रकरण बनाकर बिजली कंपनी अवैध रूप से राशि वसूल रही है। मालीपुरा के किसान वल्लभ सिंह ने बताया कि उस पर कंपनी ने जबरन अवैध वसूली को लेकर झूठा प्रकरण बनाया है। इसको लेकर वह कई बार जिम्मेदारों को भी अवगत करा चुका है, लेकिन उसकी कोई नहीं सुन रहा है। इसी तरह से अन्य किसानों का भी यहीं कहना था। इस पर नायब तहसीलदार श्री जैन ने सभी किसानों से कहा कि वह इसकी जांच कराएंगे।

बिजली कंपनी की मनमानी को लेकर नारेबाजी करते किसान कांग्रेस कार्यकर्ता।

{प्रशासन को सुनाई किसानों ने आपबीती

{ झूठे प्रकरण वापस लेने दिया ज्ञापन, पूरी की जाए मांग

कार्यालयसंवाददाता | आष्टा

शनिवारको नगर के न्यायालय परिसर में नेशनल मेगा लोक अदालत का आयोजन किया गया था। इसमें किसान भी अपने प्रकरणों का निराकरण कराने के लिए आए थे। जब वह कंपनी के काउंटर पर पहुंचे तो उन्हें बिल के अनुसार ही राशि जमा करने की बात कहीं गई। इस पर किसान आक्रोशित हो गए और तहसील कार्यालय में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत कराया गया।

गौरतलब है कि बिजली कंपनी की मनमानी लापरवाही के खिलाफ किसान पूर्व में भी कई बार आवेदन देने के साथ हंगामा कर चुके हैं। इसके बाद भी इसमें सुधार नहीं हो पाया है। अभी भी कंपनी द्वारा किसानों पर झूठे बिजली चोरी के प्रकरण बनाकर उनको मनमानी राशि के बिल दिए जा रहे हैं। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। शनिवार को अदालत में आयोजित मेगा लोक अदालत में बिजली चोरी के अलावा अन्य मामलों से संबंधित प्रकरणों को लेकर किसान पहुंचे थे। किसान जब बिजली कंपनी के काउंटर पर पहुंचे तो उन्हें बिल के अनुसार ही राशि जमा करने की बात कहीं गई। वहीं कई किसानों को बिल की राशि में ब्याज भी जोड़कर जमा कराने को कहा गया। जबकि किसानों से कहा गया था कि मेगा लोक अदालत में समझौता राशि जमा कराना होगी। इसके अलावा समझौता के नाम पर 500 रुपए अलग वसूल रहे थे। यह देख किसान आक्रोशित हो गए। बिजली कंपनी की मनमानी को लेकर सभी किसान तहसील कार्यालय पहुंच गए तथा कंपनी के खिलाफ नारेबा