पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • पुरुषार्थ से भाग्य निर्मित होता है पूर्णमतिजी

पुरुषार्थ से भाग्य निर्मित होता है - पूर्णमतिजी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
बड़नगर| गांधीचौक स्थित दिगंबर जैन बडा़ मंदिर के स्वाध्याय सभागृह में आचार्य श्री अकलंत स्वामी रचित स्वरूप संबोधन पर प्रवचन माला चल रही है। प्रवचन पूर्णमति माताजी के श्रीमुख से हो रही है। माताजी ने कहा कि पुरूषार्थ से भाग्य निर्मित होता है हम चाहे कितना ही पुरूषार्थ करें कर्म से ज्यादा प्राप्त नहीं होगा। जिसकी जितनी हैसियत होगी उतना ही फल प्राप्त होता है। इसलिए ध्यान और जाप में इनका विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिस प्रकार धर्म सभा में आने से शांत रस की प्राप्ति होती है, उसी प्रकार अन्य कार्यों से मोह, शृंंगार रस के कारण व्यक्ति भटकने लगता है।