पूर्णमति माताजी के प्रवचन जारी
बड़नगर. व्यक्ति जीवन में दिशा के साथ शुद्धि का अति महत्व है। द्रव्य, काल शुद्धि का ध्यान रखकर ही आत्म तत्व को प्राप्त किया जा सकता है। पुण्य की प्रबलता से ही प्रभु की शरण मिलती है, जीवन में सब जगह बाहर तनाव, कोलाहल, अशांति और समस्या है। हम भगवान को ग्रंथों में, मंदिरों में क्रियाओं में ढूंढते है, पर स्वयं में नही खोजते हैं। प्रवचन दिगंबर जैन बडा़ मंदिर में पूर्णमति माताजी द्वारा शनिवार को स्वाध्याय सभागृह में दिए।