स्वास्थ्य महकमे ने ली गांव की सुध
स्वास्थ्यमहकमे ने डेंगू से किसी के भी पीडि़त होने की जानकारी को गोपनीय रखा था, लेकिन अब यह बात कबूल ली गई है कि महेश्वर की एक आठ माह की बालिका डेंगू से पीडि़त है। अन्य गांवों में भी डेंगू जैसे लक्षण वाले मरीज हैं, लेकिन उनके बाहर इलाज कराने के कारण विवरण नहीं मिल पा रहा है।
शुक्रवार को भास्कर में महेश्वर सहित अन्य गांवों में भी डेंगू के फैलाव का विस्तार से समाचार प्रकाशित होने पर जिला और खंड स्तर पर स्वास्थ्य महकमा होश में आता दिखाई दिया। जिला मुख्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के दल इस गांव में दिनभर डेरा जमाए रहे। यहां ग्रामवासियों का लार्वा सर्वे किया और इसके साथ रैपिड फीवर सर्वे भी हुआ। गांव में दवा का भी छिड़काव किया गया है। दवाइयां छिड़काव से बीमार पन्नालाल कुशवाह के इलाज के साथ ही उसे नकद सहयोग की भी पेशकश की गई।
किया गया है सतर्क
मुख्यखंड चिकित्सा अधिकारी डॉ नलिनी गौड़ ने भास्कर को बताया कि मलेरिया और डेंगू के संदिग्ध मरीजों की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले को सतर्क किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि मौसम को देखते हुए लोगों को साफ- सफाई खानपान के मामले में खास एहतियात बरतनी चाहिए। सभी ग्राम पंचायतों को भी इस ओर विशेष ध्यान देने को कहा गया है। हालांकि अन्य गांवों में इस बारे में कोई कदम उठाए जाने की कोई जानकारी नहीं मिली है।