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सोलह बोल की कहानी सुनकर महालक्ष्मी की पूजा
नगरसहित अंचल में महिलाओं ने महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए मंगलवार को व्रत रखा और पारंपरिक ढंग से हाथी पर सवार महालक्ष्मी की मिट्टी की मूरत की पूजा की। महालक्ष्मी का शृंगार आभूषण के रूप में बनाए गए पकवानों से किया गया। महिलाओं ने सोलह बार सोलह बोल की कहानी- अमोती दमोती रानी ,पोला पर ऊंचो सो परपाटन गांव, जहां के राजा मगर सेन दमयंती रानी ,कहे कहानी .सुनो हो महालक्ष्मी देवी रानी ,हम से कहते तुम से सुनते सोलह बोल की कहानी- सुनी और महालक्ष्मी की पूजा की।
समूह के रूप में महिलाओं ने की पूजा-अर्चना
िसलवानी|मंगलवारको महाअष्टमी के अवसर पर नगर में महालक्ष्मी की महिलाओं द्वारा पूजा-अर्चना की गई। सुख और सौभाग्य की देवी की हाथी पर सवार मूर्ति की पूजा-अर्चना की गई। अनेक स्थानों पर महिलाओं द्वारा समूह के रूप में विधि पूर्वक पूजन का कार्यक्रम संपन्न किया गया।
महिलाओं ने की सुख और सौभाग्य की कामना
देवरी|महाअष्टमीपर्व पर घर-घर महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान महिलाओं ने सुख और सौभाग्य की कामना के साथ हाथी पर सवार मूर्ति की पूजा की मान्यता के अनुसार महिलाओं ने घरों में 21 लोटा रुपी कलश को जल से भर कर स्नान किया।
देवरी। महिलाओंने व्रत रखकर किया पूजन।
बरेली। मंगलवारको श्रद्धालु महिलाओं ने व्रत रखकर विधि-विधान से महालक्ष्मी की पूजा-अर्चना की।