युवक की मौत पर हंगामा
एक युवक सांस फूलने पर जब एक प्राइवेट डॉक्टर के पास गया और इंजेक्शन लगते ही उसकी हालत और खराब हो गई। आनन-फानन में परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। मामले में परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
बुधवार को यह हादसा विदुआ कॉलोनी में रहने वाले अलताफ शाह के परिवार के साथ हुआ, जिसमें उनका 21 वर्षीय इकलौता बेटा सलीम करीब 10 मिनट के अंतराल में ही हमेशा के लिए उन्हें छोड़कर चला गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही ने उनके बेटे की जान ली है। इस बात को लेकर कई घंटे हंगामा भी चलता रहा।
यह रहा घटनाक्रम
सलीम के पिता अलताफ शाह और मां हसीना बी ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे उनके बेटे सलीम को खांसी चली और सांस भरने लगी। उसने बाइक पर उन दोनों को बैठाया और कहा कि डॉक्टर को दिखा देते हैं। तीनों एक प्राइवेट डॉक्टर आरजी मालानी की क्लीनिक पर पहुंचे। डॉक्टर ने दो इंजेक्शन लिखे। क्लीनिक में ही खुले मेडिकल स्टोर से उन्होंने इंजेक्शन लेकर वहीं के कंपाउंडर से लगवाया। इंजेक्शन लगते ही युवक बेहोश हो गया। इस पर प्राइवेट डॉक्टर ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने को कहा।
छहमहीने पहले हुई थी शादी: सलीमके परिवार के लोगों ने बताया कि वह पान का टपरा लगाता था। उसकी शादी करीब छह महीने पहले ही हुई थी। वह परिवार का इकलौता बेटा था।
जमकर हुआ हंगामा
सामुदायिकस्वास्थ्य केंद्र में सलीम की लाश छोड़कर उसके परिजन अन्य लोग थाने पहुंच गए। इन लोगों ने इस बात के लिए हंगामा मचाया कि डॉक्टर, मेडिकल स्टोर्स और कंपाउंडर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस से संतोषजनक जवाब मिलने पर सभी लोग एसडीएम ओपी सोनी के पास पहुंचे। उन्होंने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गलतइलाज अथवा गलत दवाई के कारण यहां पहले भी मरीज की हालत बिगड़ने अथवा मौत जैसी घटनाएं होती रही हैं। हर बार लोग अपना गुस्सा जताते हैं, लेकिन जांच के बाद कठोर कार्रवाई करने के नाम पर शांत कर दिया जाता है। प्राइवेट डॉक्टरों के पास गरीब लोगों का इलाज के लिए जाना कहीं कहीं सरकारी इलाज की व्यवस्था पर भी सवालिया निशान खड़ा करता है। इसके बाद भी मुकम्मल कार्रवाई होने से इस प्रकार के मामले सामने आते हैं और निरीह लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है। के