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बीमारी से निबटने नहीं इंतेजाम

6 वर्ष पहले
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अंचलमें अभी तक किसी के भी स्वाइन फ्लू से पीडि़त होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद इसकी आशंका से लोग भयभीत हैं। हालांकि स्वास्थ्य महकमे ने डरने की जगह सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों में डर का कारण नगर और गांवों में बीमारी के फैलने की संभावित स्थितियां हैं।

बीते समय में यह अंचल कई संक्रामक बीमारियों को झेल चुका है। इसके बावजूद अभी तक स्वाइन फ्लू से बचाव की दिशा में यहां कोई पहल नहीं की गई है। यही कारण है कि लोग स्वयं और अपने परिवार को इस संक्रामक बीमारी से बचाने को लेकर काफी सचेत दिख रहे हैं। इस बात को मामूली सर्दी- खांसी से पीडि़त लोगों की डॉक्टरों के यहां लंबी कतार को देखते हुए समझा जा सकता है।

क्योंआशंकित हैं लोग : वार्ड1 के निवासी प्रभुदयाल कहते हैं कि उनके घर के आसपास जमा कचरे से सडांध आती रहती है। वार्ड 2 में हरिश्चंद्र राजपूत के मकान के बाजू में खाली प्लॉट पर कचरे का ढेर लगा रहता है। यहां सुअर भी कचरे को फैलाते रहते हैं। प्रेमनगर, नए बसस्टैंड, इसके पीछे, बड़ा बाजार, छीपा मोहल्ला, पावरहाउस के पास, कसाई मोहल्ला और विदुआ कॉलोनी सहित ज्यादातर मोहल्लों में कचरे और गंदगी से लोग परेशान हैं। स्कूलों सहित सरकारी कार्यालयों के आसपास भी हालत ज्यादा अच्छी नहीं है। बलवीर, उपेंद्र और मोहन का मानना है कि ऐसे माहौल में बीमारियां तेजी से फैलती हैं।

गांवोंमें और बुरे हाल : अंचलके गांवों में साफ- सफाई पर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गांवों के स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और पंचायत भवनों के अलावा पेयजल स्रोतों के आसपास गंदगी के ढेर लगे रहते हैं। यही कारण है कि किसी भी गांव में लोग बड़ी संख्या में बीमार हो जाते हैं। बीते समय में ऐसे कई मामले सामने आते रहे हैं।

स्वाइन फ्लू की आशंका से लोग भयभीत हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के साथ ही इस बीमारी के बारे में जानकारी लेने भी लोग पहुंच रहे हैं।