प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर रोक की मांग
जिले में संचालित दवा दुकानों पर बिक रहीं प्रतिबंधित दवाओं के विक्रय पर रोक लगाने की मांग को लेकर प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष यशवंत अहिरवार ने अनुविभागीय अधिकारी बरेली को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में बताया गया है कि बिना रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट एवं बिना एमबीबीएस डाॅक्टरों के पर्चे के दवाइयां ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेची जा रही हैं। इन दवाओं में हाई रिस्क एंटीबायोटिक स्टेराइडल निकोटिक आदि हैं जिनके दुष्परिणाम जनता को तुरंत या भविष्य में भुगतना पड़ेंगे। हाईकोर्ट के आदेशानुसार एवं फार्मेसी एक्ट 1948 के अनुसार बिना रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट के दवाई बेचना कानूनन अपराध है। मेडिकल पर आठवीं-दसवीं पास लड़के दवाइयों का कारोबार कर रहे हैं। मेडिकल स्टोर्स पर एक लायसेंस होते हुए भी एलौपैथी, होमोपैथी, आयुर्वेदिक एवं वेटनरी की दवाइयां बेची जा रही हैं। प्रांतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन जिला अध्यक्ष यशवंत अहिरवार ने कहा कि स्वस्थ भारत निर्माण में एलौपेथी औषधियों का ज्ञान एमबीबीएस डाॅक्टर के बाद फार्मासिस्ट को ही होता है।
उन्होंने प्रशासन से बिना रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट एवं बिना एमबीबीएस डाॅक्टरों के पर्चे के दवाई बेचने वाले मेडिकल स्टोर्स पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन करने की बात कही है।