प्रभारियों के भरोसे सांची का थाना, साल में 3 टीआई बदले
विश्व पर्यटन स्थल सांची का थाना टीआई विहीन बना हुआ है। इस थाने को स्थाई रूप से टीआई नहीं मिल पा रहा है। स्थिति यह है कि एक साल के भीतर तीन टीआई बदले जा चुके है। वर्तमान में इस थाने की कमान सब इंस्पेक्टर के हाथ में है।
यहां स्थाई रूप से पदस्थ नहीं रहने का कारण सांची में आने वाले वीआईपी अौर अन्य व्यवस्थाओं को बताया जा रहा है। यहां पर पदस्थ होने वाले टीआई दो तीन माह के भीतर ही दूसरी जगह अपनी पदस्थापना कराकर यहां से रवानगी ले लेते है। सांची थाने में 13 फरवरी से 29 मार्च 2015 तक योगेंद्र सिंह दांगी टीआई के रूप में पदस्थ रहे, उन्होंने भी यहां से अपनी रवानगी उदयपुरा थाने में करवा ली। इसके बाद यहां पर आए टीआई पंकज गीते 29 मार्च से 4 मई तक पदस्थ रहे। उन्होंने भी यहां से अपना तबादला करवा लिया। जून और जुलाई माह में यह थाना फिर टीआई विहीन रहा। इस दौरान सब इंस्पेक्टर अनिरुद्ध पांडे पदस्थ रहे। इसके बाद 21 अगस्त से 18 दिसंबर 2015 तक सज्जन सिंह मुकाती टीअाई के रूप में पदस्थ रहे। एसपी ने उनका तबादला बरेली थाने में कर दिया। अब फिर से सांची थाना प्रभारी के भरोसे हो गया है।
वर्तमान में सब इंस्पेक्टर हरिओम पटेल थाने की व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं, लेकिन वे भी थाने की जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते है। उनके द्वारा भी एसपी से यहां पर किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति शीघ्र करने का निवेदन कर चुके है, लेकिन सांची थाने में अब तक नए टीआई की पदस्थापना नहीं हो पाई है।
वीआईपी व्यवस्थाएं हैं कारण
विश्व धरोहर सें शामिल सांची स्तूपों को देखने नगर में बड़ी संख्या में देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं। यहां वीआईपी का आना भी लगा रहता है। इस वजह से टीआई को अपने रुटीन काम के साथ इस तरह की व्यवस्थाएं भी देखना पड़ती हैं। इस भार के कारण थाना संभालने में टीआई की दिलचस्पी नहीं रहती और वे तबादला ले लेते हैं।