शिविर बना परेशानी का सबब
हमने सोचा था कि मतदाता शिविर में मतदाता सूची से संबंधित काम आसानी से हो जाएगा। यहां तो इतनी अव्यवस्थाएं हैं कि कुछ सूझ ही नहीं रहा। कोई कुछ बताने को भी तैयार नहीं है। यदि शिविर लगाना ही था तो व्यवस्थित तरीके से लगा लेते।
इस तरह के विचार करीब- करीब हर उस व्यक्ति के थे, जो सोमवार को यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में आयोजित मतदाता शिविर में पहुंचा। यहां शिविर जैसा माहौल कम, हाट- बाजार जैसा ज्यादा दिखाई दे रहा था। खास बात यह भी कि शामियाने में बैनर- पोस्टर सहित ऐसा कोई निशान नहीं दिखाई दे रहा था, जिससे किसी को यह पता चल सके कि यह मतदाता शिविर है। यहां उदयपुरा विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ को भी बुलाया गया था और बरेली, उदयपुरा और देवरी क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में आए थे।
शिविर में नहीं लगे काउंटर परेशान हुए मतदाता
शिविरमें मतदाताओं और बीएलओ के लिए अलग- अलग काउंटर नहीं लगे थे, इसलिए सभी लोग एक साथ रहे थे। इससे भीड़ और धक्कामुक्की का माहौल था। फार्म उपलब्ध नहीं थे और लोगों को यह समझ में नहीं रहा था कि वे किसे फार्म जमा करें? अजय जैन को बताया गया कि डुप्लीकेट मतदाता परिचय पत्र के लिए चालान लगेगा। आनन- फानन में वे चालान जमा करके आए तो पता चला कि रायसेन से मशीन आई जरूर है, लेकिन इससे यहां तत्काल में कोई काम नहीं होगा। भगवानदास उपाध्याय ने धक्के खाकर संशोधन का फार्म तो जमा कर दिया, लेकिन उनके इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे रहा था कि संशोधित मतदाता परिचय पत्र उन्हंे कब और कहां से मिलेगा?
सुधार रहे हैं व्यवस्थाएं
^मेरे सामने सभी व्यवस्थाएं ठीक थीं। अब फिर से देख रहे हैं। नाम जोडऩे और संशोधन के लिए अलग से प्रक्रिया होती है। जिन लोगों ने फार्म जमा कर दिए हैं, उनके हो जाएंगे। तत्काल में तो केवल पूर्ववत डुप्लीकेट मतदाता परिचयपत्र ही दिए जा रहे हैं। पीसीपांडेय, तहसीलदार,बरेली
नहीं की गई तैयारी
नामछापने की शर्त पर बीएलओ और अन्य कर्मचारियों ने बताया कि शिविर के लिए पहले से तैयारी होने के कारण अव्यवस्था है। वास्तव में बीएलओ और अलग- अलग कामों के लिए अलग- अलग काउंटर लगाए जाने थे। कुर्सियां ढेर के रूप में पड़ी थीं और तीखी गर्मी में लोग पानी तलाश रहे थे।
परेशान लोग पहुंचे तहसील
शिविरमें बदहाली से परेशान लोग शिकायत करने तहसील पहुंचते रहे। तहसीलदार पीसी पांडेय स्वयं