प्रदूषित पानी पीने की मजबूरी
कोटा गांव में स्थिति सामान्य मरीजों को दी गई छुट्टी
कुएंका दूषित पानी पीने से उल्टी, दस्त, बुखार सिरदर्द जैसी बीमारी की चपेट में आए ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने के बाद अब बेहतर महसूस कर रहे हैं। इलाज के बाद सभी मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
रविवार को बीएमओ डाॅ. एचएन मांडरे ने बीमारी से प्रभावित आदिवासी ग्राम कोटा का स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दौरा किया। इस दौरान दल ने घर-घर जाकर बीमारी की जानकारी ली आवश्यक दवाइयां दीं। डाॅ. मांडरे ने बताया कि अस्पताल में उल्टी-दस्त, बुखार आदि बीमारी से पीडि़तों का इलाज किया गया। हालत में सुधार होने पर आवश्यक दवाएं देकर असपताल से छुट्टी दे दी गई। गांव में अब स्थिति सामान्य है। आशा, एएनएम द्वारा गांव में सघन भ्रमण किया जा रहा है। तहसील मुख्यालय से 13 किलोमीटर दूर स्थित आदिवासी ग्राम कोटा में कुएं के दूषित पानी के सेवन से 16 ग्रामीण बीमार हो गए थे। इनमें बच्चे, महिला बुजुर्ग शामिल थे। इनका उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कर किया गया था। बहमारी फैलने के बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग के दल ने गांव का दौरा कर गांव में ही पीडि़तों का उपचार किया था। उक्त कुएं में भी दवा का छिड़काव कराया गया था।
हैंडपंप का पानी हो सकता है दूषित
ग्रामकोटा में प्रवेश करते ही लगा हैंडपंप प्रशासन की लापरवाही को ना केवल उजागर कर रहा है, बल्कि गंभीर बीमारी को भी जन्म दे सकता है। यह हैंडपंप पूर्णत: जमीन में बैठ चुका है। इतना ही नहीं, ग्रामीण इसी हैंडपंप का पानी भर कर प्यास बुझाने के साथ ही अन्य उपयोग में ले रहे हैं। आलम यह है कि ग्रामीणों को हैंडपंप के नीचे छोटा बर्तन रखकर पहले उसे भरना पड़ता है, इसके बाद ही उस बर्तन में से किसी छोटे डब्बे से अन्य बर्तन में पानी भरा जाता है। हैंडपंप के चारों ओर गंदा पानी जमा होने के साथ ही गंदगी भी व्याप्त है।
शिकायत पर की जाएगी कार्रवाई
^अभीतक मेरे समक्ष ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है कि दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। यदि शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी। बीएलसिंह, मुख्यनगर पालिका अधिकारी
खराब हुए पाइप
15साल पहले डाली गई पाइप लाइन में जगह-जगह छेद हो जाने से उनके जरिए गंदा पानी मिलकर सप्लाई हो रहा है। इससे लोगों में बीमारी की आशंका बढ़ गई है।
इन क्षेत्रों में दूषित पेयज