अपहरण ज्यादती के आरोप में 25 साल की सजा
ग्रामपंदरभटा की एक नाबालिग का गांव के ही कुछ लोगों द्वारा अपहरण कर उसके साथ ज्यादती करने के मामले में जिला अपर एवं सत्र न्यायाधीश कमल जोशी ने आरोपी धनीराम को अलग-अलग धाराअों में कुल पच्चीस वर्ष एवं सवा लाख के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासन की ओर से पैरवी कर रहे अपर लोक अभियोजक बद्री विशाल गुप्ता ने बताया कि 22 मार्च 2012 को ग्राम पंदरभटा निवासी 12 वर्षीय नाबालिग अपने पिता के साथ माता मंदिर सुनवाहा में जल चढ़ाने आई थी, तभी गांव के धनीराम ने अपने तीन साथियों के साथ उसका अपहरण कर उसे सागर ले गया और उसके साथ ज्यादती किया। नाबालिग के पिता की रिपोर्ट पर थाना सुल्तानगंज में प्रकरण कायम किया जाकर तत्कालीन थाना प्रभारी पवित्रा शर्मा ने नाबालिग को बरामद कर आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। मामला सुनवाई के लिए अपर सत्र न्यायालय बेगमगंज में प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण में अन्य तीन आरोपियों के विरुद्ध प्रमाण साक्ष्य से परे प्रमाणित होने पर उन्हें छोड़ दिया गया। लेकिन मुख्य आरोपी धनीराम के विरुद्ध साक्ष्य प्रमाणित पाए जाने पर विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए 25 वर्ष की सजा एवं सवालाख के अर्थदंड की सजा सुनाई।