हिंदी में बात करने में ना करें संकोच
हिंदीदिवस पर कवि प्रदीप सोनी के निवास पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। वहीं ग्रामीण क्षेत्र ग्राम सलैया में भी मप्र जन अभियान परिषद द्वारा हिंदी दिवस मनाया। काव्य गोष्ठी के प्रथम चरण में उपस्थित हिंदी प्रेमियों और कवियों ने हिंदी को उसकी अस्मिता और गरिमा को प्रतिष्ठापित करने के लिए अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए। शिक्षक ऋषिराज शर्मा ने कहा कि अपनों के बीच हिंदी में बात करने में कोई संकोच नहीं करना चाहिए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व प्राचार्य विद्यानंद शर्मा ने कहा कि हिंदी में शब्दों का असीम भंडार है। हमें केवल उसके प्रयोग की आदत भर डालना है।
पुरषोत्तम ठाकुर ने हिंदी कहानियों, कविताओं को पढ़नेे पर जोर दिया। कवि प्रदीप सोनी ने कहा कि हिंदी के प्रचार-प्रसार का अर्थ अंग्रेजी का विरोध कदापि नहीं है, हम सब भाषाओं को सीखें। जहां जो भाषा आवश्यक हो, वहां उसका प्रयोग करें। सभी ने हिंदी को राष्ट्र भाषा बनाए जाने पर जोर दिया।
गोष्ठी के दूसरे चरण में कवियों ने अपनी कविताओं में हिन्दी के वर्चस्व को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर कवि संतोष अवस्थी ने अपने विचार रखे। शायर सैयद आबिद हुसैन तालिब ने कहा कि अपने वतन की तो हर बात निराली है, हर रोज ईद यहां हर रोज दीवाली है।
कवि विजय कौशिक ने अपने गीत को प्रस्तुत करते हुए कहा कि काव्य निबंध कहानी प्रेरक तेरी विधा निराली है,बिंदी से अंतर कर देती सृजन शक्ति मतवाली है। इस अवसर पर कवि सुरेश नायक ने कवि धनसिंह कुशवाह, राजेन्द्र श्रीवास्तव, विनोद श्रीवास्तव,शिवशंकर भार्गव,़ ऋषिराज शर्मा, पुरुषोत्तम ठाकुर सहित अन्य श्रोता उपस्थित थे।
बेगमगंज। हिंदीदिवस पर हुई काव्य गोष्ठी में मौजूद कविगण।