सम्मानित शिक्षक ने बनाया स्कूल को आदर्श
सुमेर गांव की माध्यमिक शाला की गिनती आदर्श स्कूलों की श्रेणी में की जाने लगी है। यहां 2013 में प्रधानाध्यापक के पद पर पदस्थ हुए प्रदीप सोनी जो कि शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रपति पुरस्कार का सम्मान 2010 में प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने ठाना कि स्कूल को आर्दश बनाना है, तो साथी शिक्षक भी उसमें सहभागी बने और आज स्कूल आदर्श नजर आने लगा।
पहले स्कूल परिसर में ऊबड़-खाबड़ मैदान था। जिसमें बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से बच्चों के आवागमन में भारी असुविधा होती थी। सर्दी के मौसम में भी मैदान में पानी भरा रहता था। स्कूल में किसी प्रकार की गतिविधियां संचालित नहीं हो पाती थी। संस्था में 2013 में प्रधानाध्यापक का भार संभालते ही प्रदीप सोनी ने साथी शिक्षक मदनलाल रजक एवं ऋचा जडिया ने स्कूल की साज संवार के साथ ही पंचायत के प्रयास से स्कूल परिसर में सीसी रोड एवं मैदान का मुरम मिट्टी से पुराव करवाकर बच्चों के खेलने लायक बनाया। इसके बाद स्कूल परिसर में दीवार लेखन, मध्यान्ह भोजन मैन्यू व अन्य गतिविधियों की जानकारी अंकित की।
स्मार्ट कक्षाएं संचालित कराई : साप्ताहिक सामान्य ज्ञान के लिए प्रतिदिन के हिसाब से एक चार्ट बच्चों को बना कर दिया गया। जिससे वे प्रतिदिन के हिसाब से ज्ञानवर्धक बातेa बच्चों को बताई जाती हैं। बच्चों को चित्रकला, गीत, कविता लेखन या पेपर कटिंग के हिसाब से तैयार की गए। स्लोगन आदि के लिए अलग से प्रोफाइल प्रत्येक छात्र की तैयार करवाई गई है।
यह भी करते हैं बच्चे
जब भी कोई अतिथि या अधिकारी स्कूल के कक्ष में प्रवेश करता है तो सभी बच्चे खड़े होकर उसका अभिवादन करते हैं। प्रतिदिन प्रार्थना सभा एवं ईशा वंदना, सोमवार को सफाई अवलोकन,मंगलवार को खेलकूद ब्राम्ह गतिविधियां, बुधवार को बौद्धिक खेल गतिविधि, गुरुवार को योग व्यायाम, स्वास्थ्य जागरण एवं शनिवार को बालसभा सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। वहीं एचएम प्रदीप सोनी द्वारा तैयार की गई साप्ताहिक सामान्य ज्ञान की हस्तलिखित पुस्तकें प्रत्येक छात्र के पास उपलब्ध हैं। जिसमें देश की संसद, प्रदेश की विधान सभा से लेकर ब्लाक की जनपद,नगर पालिका, अधिकारियों आदि की जानकारी सहित राष्ट्रीय स्तर तक की जानकारी है।
माध्यमिक शाला में अध्ययन करते विद्यार्थी।
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