पाइप लाइन बिछाने तालाब की खोदी पिचिंग
फांसी खदान तालाब की 10 लाख से बनाई थी पिचिन
सिटीरिपोर्टर|बैतूल
नगरपालिकाने फांसी खदान क्षेत्र में पाइप लाइन बिछाने के लिए अपने बनाए हुए तालाब की ही िपचिंग खोदकर रख दी है। इससे तालाब में पानी को सुरक्षित करना मुश्किल होगा। पानी सहेजने के लिए बनाए गए सभी तालाबों की हालत एक-एक करके खस्ताहाल होती चली जा रही है। इधर कलेक्टर ज्ञानेश्वर बी पाटिल ने पिछले सप्ताह ही पानी स्रोतों को सहेजने के निर्देश प्रशासनिक अमले को दिए थे।
जानकारी के अनुसार नगरपालिका शहर में यूआईडीएसएसएमटी योजना के तहत पाइप लाइन बिछा रही है। इस योजना के तहत फांसी खदान टंकी से पाइप लाइन बिछाने का काम हाल ही में शुरू किया गया था। इस पाइप लाइन को 2004 में भू-जलस्तर बढ़ाने के लिए बनाए गए तालाब की िपचिंग खोदकर बिछाया जा रहा था। यह िपचिंग 11 साल पहले 10 लाख रुपए खर्च करके बनाई गई थी। िपचिंग का 50 मीटर का हिस्सा खोदकर पत्थर निकाले जा चुके हैं। हालांकि ठेके पर हुए इस काम की भनक लगते ही डेमेज को देखकर नपा ने फिलहाल इस काम को रोक दिया है। एक सप्ताह से यह काम रुका हुआ है। िपचिंग के डेमेज हो जाने से यहां भविष्य में पानी सुरक्षित नहीं रहेगा।
िपचिंग किसी भी डेम या तालाब की सुरक्षा दीवार होती है। इससे मिट्टी धंसकने से रोकने और पानी सहेजने में आसानी होती है। लेकिन इस पिचिन को तोड़कर ही पाइप बिछाए जा रही है। जबकि िपचिंग के दूसरी ओर सड़क किनारे से भी पाइप लाइन बिछाई जा सकती थी।
पिचिंग डेमेज की है तो जांच कराई जाएगी
^फांसीखदान क्षेत्र के तालाब का निरीक्षण किया जाएगा। यहां यदि पिचिंग डेमेज की गई है तो जांच करवाई जाएगी। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। मरम्मत करवाने के लिए भी प्रयास करेंगे। भुजलिया घाट स्टाॅप डेम की सफाई भी करवाई जाएगी। -पीके द्विवेदी, सीएमओ नपा