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साहब! तोड़ दिए हमारे घर, बारिश पानी में कहां जाएंगे
भारतभारती, जामठी क्षेत्र में पिछले 10 से 15 सालों से बसे लोगों के मकान राजस्व अमले के माध्यम से तोड़ दिए जाने से नाराज लोगों ने बुधवार कलेक्टोरेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इन प्रदर्शन कारियों ने कहा कि, टूटे मकानों में पन्नी ढक्कर खुदको और घर के सामानों को बचाया। खुले में पूरा सामान बिखरा पड़ा है। अब हम कहां जाएंगे।
बैतूल से करीब 7 किमी दूर भारत भारती जामठी क्षेत्र में 20 से 25 परिवार रहते हैं। मंगलवार को राजस्व अमले ने जेसीबी से इनके मकान तोड़ दिए। इससे क्षेत्र में रहने वाले आधा सैकड़ा से ज्यादा लोग नाराज होकर कलेक्टोरेट गए। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पंचायत के माध्यम से मकान टैक्स भी जमा करवाया गया। इसकी रसीद उनके पास है। इसके बाद भी तहसीलदार ने बिना किसी सूचना के मकान तोड़ दिए। घर में ताला डला होने पर भी कोई पूछताछ नहीं की गई।
क्षेत्र के लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। खाने-पीने की सामग्री बीती रात हवा चलने और बारिश होने से गीली हो गई है। क्षेत्र के लोगों ने नजूल अधिकारी आरपी पटले को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं। उन्हें बेघर नहीं किया जाए। इस पर श्री पटेल ने कहा कि सरकारी जमीन पर मकान बने हुए थे। भारतभारती जामठी क्षेत्र के लोग कलेक्टेोरेट में प्रदर्शन करने के बाद विधायक से गुहार लगाने चले गए थे।
बैतूल| भारत-भारती और जामठी के लोगों ने कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया।