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दूसरे भवन में शिफ्ट हुए तो बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा

7 वर्ष पहले
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{ 135 में से 42 बच्चे ही मिले स्कूल में

नगरसंवाददाता. बैतूल

जर्जर घोषित होने और छतों से टपकते पानी के कारण पिछले महीने गंज प्राथमिक शाला के भवन में क्लास लगाना बंद कर दी गई थी। इस स्कूल के बच्चों को विनोबा नगर प्राथमिक स्कूल में शिफ्ट किया गया था, लेकिन ये बच्चे पहले से ज्यादा परेशानियों में पढ़ रहे हैं। बच्चों की उपस्थिति एक तिहाई रह गई है। स्कूल को शिफ्ट तो कर दिया गया है, लेकिन व्यवस्था बनाने के कोई प्रयास नहीं हुए हैं। पुराने भवन के डिस्मेंटल या मरम्मत के लिए भी प्रयास नहीं हुए हैं।

जानकारी के अनुसार गंज प्राइमरी स्कूल का भवन 1977 में बना था। 4 अगस्त को इस स्कूल के 134 बच्चों को विनोबा नगर प्राथमिक स्कूल समेत अन्य स्कूलों में शिफ्ट करके स्कूल को बंद कर दिया गया था। गंज प्राथमिक स्कूल के भवन में पानी टपकने, छत के प्लास्टर झड़ने और खतरनाक घोषित होने के कारण इसमें पढ़ाई बंद की गई थी। लेकिन जिन समस्याओं के कारण यहां क्लासेस लगाना बंद की गई थी, वे समस्याएं विनोबा नगर स्कूल में भी बरकरार है।

42बच्चे ही आए स्कूल

शनिवारको दोपहर 11.30 पर भास्कर टीम विनोबा नगर स्कूल में बच्चों का हाल जानने पहुंची। यहां पर 134 में से 42 बच्चे ही उपस्थित थे। पहली से पांचवीं तक के ये बच्चे टपकती हुई छत के नीचे बैठकर पढ़ रहे थे। प्लास्टिक की दो चटाइयों पर जैसे-तैसे बैठकर खुद को टपकते पानी से बचाते हुए पढ़ाई चल रही थी। बच्चों ने बताया कि जब बारिश ज्यादा होती है तो कमरा पानी से भर जाता है।

नपा ही करेगी मरम्मत

^दोनोंस्कूलों के शिक्षकों के बीच तालमेल का अभाव है। जिसके कारण एडजस्टमेंट नहीं हो पा रहा है। इस ओर ध्यान दिया जाएगा। वैसे आदेश डीईओ के हैं, इसीलिए वे ही इस मामले में उचित कार्रवाई कर सकते हैं। गंज प्राइमरी स्कूल भवन नपा की संपत्ति है। इसीलिए इसके डिस्मेंटल या मरम्मत पर निर्णय नगरपालिका ही लेगी।^ डीपीसाहू, डीपीसी,सर्वशिक्षा अभियान

पहले थे 9 कमरे अब हुए 3

गंजप्राइमरी स्कूल के 7 शिक्षकों को भी विनोबा नगर स्कूल में शिफ्ट किया गया है। शिक्षक तो पर्याप्त हैं, लेकिन कमरे बेहद कम हैं। पहले गंज प्राइमरी स्कूल में पहली से पांचवीं तक के लिए 9 कमरे थे। अब विनोबा नगर में 3 कमरों में क्लासें एडजस्ट करके लगानी पड़ रही है। टॉयलेट की व्यवस्था भी यहां नहीं है।

स्टाफ पुराने भवन में कर रह