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भौंरा के जंगल में मिला नर तेंदुए का शव

7 वर्ष पहले
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उत्तर वनमंडल में भौंरा के जंगलों में शुक्रवार रात गश्त के दौरान वनकर्मियों को एक तेंदुए का शव मिला। शनिवार को इस तेंदुए का पोस्टमार्टम करवाकर इसका अंतिम संस्कार किया गया।

शुक्रवार रात लगभग 11 बजे वनकर्मी भौंरा के जंगलों में कुप्पा-बरजोरपुर मार्ग पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान वन क्षेत्र से गुजरने वाले इस रास्ते पर एक नर तेंदुए का शव मिला। तेंदुए का शव दो से तीन दिन पुराना था। इसके सिर पर एक घाव का निशान था। ऐसी आशंका है कि इसी चोट के कारण तेंदुए की मौत हुई होगी। हालांकि वन अमले ने किसी किस्म की शिकार जैसी आशंका नहीं जताई है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के डॉक्टर्स समेत चार डॉक्टरों की टीम ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद भौंरा में ही सीसीएफ कमलेश चतुर्वेदी और डीएफओ एएस तिवारी की मौजूदगी में तेंदुए का अंतिम संस्कार किया गया। उत्तर वनमंडल के डीएफओ एएस तिवारी ने बताया कि तेंदुए का शव जंगल में मिला था। शिकार की आशंका नहीं हैं। तेंदुए के सिर पर चोट का निशान था। वन्य प्राणी शरीर के अन्य हिस्सों में घाव को चाटकर ठीक कर लेते हैं। लेकिन सिर पर लगी चोट को चाट नहीं पाते, ऐसे में कीड़े लगने के कारण ये चोटें मौत का कारण बन जाती हैं।

7 साल के नर तेंदुए का था शव

जंगलमें मिला शव लगभग 6-7 साल के नर तेंदुए का था। उसके शरीर पर सिर में एक चोट को छोड़कर अन्य किसी जगह चोट का निशान नहीं था। पीएम रिपोर्ट के आधार पर यह शव दो से तीन दिन पुराना था।

करंट लगने से मौत की आशंका

तेंदुएकी बाईं आंख के ऊपर करंट लगने जैसा निशान था। उत्तर वनमंडल के एसडीओ आरके चौरे ने बताया तेंदुए का शव परीक्षण शाहपुर के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके कपूर ,सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के डॉ. गुरुदत्त शर्मा समेत अन्य डॉक्टर्स ने किया था। डॉ. एसके कपूर ने बताया कि मौत का कारण करंट लगना हो सकता है। सागर एवं अन्य जगहों की लेबोरेटरी में भी सैंपल भेजे गए हैं। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से स्पेशल डॉग भी इस घटना के बाद बुलवाया गया। इसे जिस जगह तेंदुए का शव मिला उस क्षेत्र में घुमाकर पड़ताल करवाई जा रही थी।

जंगल में मृत मिला तेंदुआ।