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खड़ी रहती है एंबुलेंस और क्रेन फोरलेन पर हो जाते हैं हादसे

7 वर्ष पहले
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{ प्राइवेट या 108 का ही सहारा, तुरंत नहीं मिलती मदद, फोन भी पड़े हैं बंद

नगरसंवाददाता| बैतूल

एनएचएआईने ड्राइवरों और यात्रियों की सुरक्षा और मदद के इंतजाम किए बिना तीन महीने पहले फोरलेन बायपास शुरू कर दिया, लेकिन अब फोरलेन पर लगातार हादसे हो रहे हैं, इसके बावजूद दुर्घटनाग्रस्त यात्रियों और ड्राइवरों को प्राइवेट वाहनों और 108 एंबुलेंस पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। मिलानपुर टोल नाके पर बने आपातकालीन सेंटर में क्रेन और एंबुलेंस सहित अन्य वाहन तो हैं, लेकिन स्टॉफ नहीं होने से इनके पहिए थमे ही रहते हैं। इनके संचालन के लिए किसी भी एजेंसी को अब तक जिम्मेदारी नहीं दी है।

नागपुर से बैतूल तक 177 किलोमीटर फोरलेन बनाया गया है। इसपर सोनाघाटी से नागपुर तक 16 जून से ट्रैफिक शुरू किया गया था। फोरलेन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए मिलानपुर टोल नाके पर सेंटर बनाया गया है। यहां पर एंबुलेंस, क्रेन, फायर व्हीकल के इंतजाम किए गए हैं। एनएचएआई किसी निजी एजेंसी को इनकी जिम्मेदारी सौंपने वाली है, लेकिन अब तक यह काम नहीं हो सका है। स्टाफ नहीं होने से एंबुलेंस और क्रेन खड़ी रहती हैं। इधर, दुर्घटनाएं होने पर लोगों को निजी और स्वास्थ्य केंद्रों से वाहनों का इंतजाम करना पड़ता है।

फोरलेन बायपास सोनाघाटी से शुरू हुआ है। सोनाघाटी से मिलानपुर तक 13.6 लंबा फोरलेन बायपास बना है। इसे वाहन चालकों के लिए 16 जून को शुरू किया गया था। मिलानपुर टोल नाके के आगे मुलताई और नागपुर तक बहुत पहले ही ट्रैफिक शुरू हो चुका था। फोरलेन शुरू करने के बाद से इस रास्ते पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है।

सौंपी जानी है जिम्मेदारी

^एंबुलेंसऔर क्रेन, फायर व्हीकल समेत अन्य व्यवस्थाएं मिलानपुर टोल नाके के पास बने सेंटर में की गई हैं। स्टाफ के रहने के इंतजाम भी किए गए हैं। किसी एजेंसी को आपातकालीन इंतजाम की जिम्मेदारी सौंपी जानी है। जल्द ही जिम्मेदारी दी जाएगी।^ प्रशांतमेंढे, टेक्नीकलमैनेजर, एनएचएआई

{6 मई 2014 को पंखा जोड़ पर कार और जीप की भिड़ंत हो गई थी। इसमें 4 बच्चों समेत 12 लोग घायल हुए थे। घायलों को ले जाने के लिए साईंखेड़ा से एंबुलेंस बुलवानी पड़ी थी।

{24 सितंबर को मोही-भिलाई के बीच अज्ञात वाहन की टक्कर से नगरकोट निवासी प्रदीप राजपूत की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने सड़क पर पड़े प्रदीप को देखा इसके बाद पुलिस को