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चबूतरों से नहीं हटा अितक्रमण, गलियों में ही लगा सब्जी बाजार
{शनिवार को कच्चे मकानों और ठेलों पर ही चली जेसीबी, चबूतरों को देखकर लौटे अधिकारी
नगरसंवाददाता|बैतूल
सदरसाप्ताहिक बाजार के चबूतरों पर अतिक्रमण के आगे प्रशासन और नगरपालिका पूरी तरह बेबस है। बार-बार निरीक्षणों और पीआईसी में प्रस्ताव लेने से आगे चबूतरों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है, जिसके कारण बाजार सड़कों और गलियों में लग रहा है। शनिवार को एक बार फिर राजस्व अमले ने नपा के साथ शहर में तीन जगहों से छोटे-मोटे अतिक्रमण हटाए, लेकिन चबूतरों का अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई एक बार फिर निरीक्षण और चेतावनी तक सिमट गई। नगरपालिका ने 2008 में सदर ओवरब्रिज के नीचे साप्ताहिक बाजार की जगह पर 14 चबूतरे बनाए थे। 10 लाख के चबूतरे बनाकर नपा ने सब्जी दुकानों की जगह तय कर बाजार को व्यवस्थित करने का प्रयास किया था। लेकिन इन चबूतरों पर थोक सब्जी व्यापारियों ने जालियां और शेड लगाकर कब्जा कर लिया है। चबूतरों पर कब्जा हो जाने से छोटे सब्जी व्यापारियों के बैठने की जगह छिन गई। इसके बाद से यह बाजार गली कूचों और सड़कों पर लग रहा है। जिससे क्षेत्रवासियों, सब्जी व्यापारियों और सड़क पर वाहन चलाने वाले ड्राइवरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नपा और राजस्व विभाग ने भी शहर से अतिक्रमण हटाने के लिए कई बार मुहिम चलाई लेकिन इन चबूतरों पर अतिक्रमण हटाने की बात आते ही नपा बेबस हो जाती है। राजस्व अमला भी टिकारी, खंजनपुर जैसे क्षेत्रों से ठेले और कच्चे मकान तो हटवा रहा है, लेकिन जनता के लिए बनाए गए इन चबूतरों का अतिक्रमण हटाने के नाम पर बेबस दिख रहा है।
>8 अगस्त 2013 को पीआईसी की बैठक में नपाध्यक्ष, सीएमओ और एई के संयुक्त दल की मौजूदगी में सदर बाजार का निरीक्षण करके चबूतरों को अतिक्रमण मुक्त करने का निर्णय लिया। इसके बाद इस अतिक्रमण को हटाने के कारगर प्रयास नहीं हुए।
> 21 जनवरी 2014 को नपा ने सदर बाजार को व्यवस्थित करने के लिए चूने की लाइनिंग डाली।
> 25 फरवरी 2014 को नपा अमले ने एक बार फिर बाजार में चूने की लाइनिंग डाली। सड़क किनारे से तीन फीट दूर यह लाइनिंग खींची गई।
> 1 जून 2014 को विधायक हेमंत खंडेलवाल ने अमले के साथ सदर बाजार का निरीक्षण किया। चबूतरों से अतिक्रमण हटाने की प्लानिंग की गई थी। चबूतरों पर जमे व्यापारियों को बडोरा मंडी में शिफ्ट करने का निर्णय लिया। 4 मह