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जिला अस्पताल में पहली बार हुआ कंकाल का पोस्टमार्टम
कंकाल का पोस्टमार्टम करते डॉक्टर।
नगर संवाददाता|बैतूल
जिलाअस्पताल में अकसर शव का पोस्टमार्टम होता है, लेकिन बुधवार को अस्पताल के डाक्टर्स ने वाट्सएप की पद्घति से जंगल में मिले कंकाल का पोस्टमार्टम कराया। यह पहला मौका था, जब बैतूल में कंकाल का पोस्टमार्टम हुआ। इससे पहले कंकाल मेडिकल कॉलेज को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाता था। जिले के पाढर क्षेत्र के डोलीढाना के जंगल में मंगलवार की शाम को एक व्यक्ति को मनुष्य का कंकाल नजर आया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पाढर चौकी पुलिस कंकाल को बैतूल लेकर आई। पुलिस के मुताबिक जंगल में मिले कंकाल की शिनाख्त कपड़ों से गांव के प्यारेलाल के रूप में परिजनों ने की। वह करीब दीपावली के समय से लापता था। इसकी गुमशुदगी रिपोर्ट पाढर चौकी में दर्ज थी।
डॉक्टर राहुल श्रीवास्तव ने कंकाल का पोस्टमार्टम किया। शव का पोस्टमार्टम और कंकाल का पोस्टमार्टम दोनों की अलग पहलू होते हैं। इस स्थिति को देखते हुए डॉ. श्री श्रीवास्तव ने गांधी मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर, साइंस फोरेंसिक डिपार्टमेंट के एसओडी डॉ. बड़कुले से फोन से संपर्क किया और वाट्सएप से कंकाल की स्थिति बताई और इसी तरह उन्होंने पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया जिले में पहली बार इस तरह का प्रयोग हुआ है। पहले बैतूल से मेडिकल कॉलेज कंकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाता था। उन्होंने कहा कि यह शव के पोस्टमार्टम की तुलना में थोड़ा अलग होता है। जिला अस्पताल में कंकाल का पोस्टमार्टम होने को लेकर अस्पताल चौकी के इंचार्ज एसके वर्मा का कहना है कि इससे जांच में पुलिस काफी सहुलियत मिलेगी।