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सात दिन में 524 मरीजों ने कराई सर्दी, बुखार की जांच
स्वाइनफ्लू की खबर के साथ ही मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बीते एक सप्ताह के दौरान सर्दी खांसी, बुखार के 524 मरीज अस्पताल पहुंचे। जबकि एक सप्ताह के दौरान उल्टी-दस्त के 32, दर्द अन्य बीमारी के 2 हजार 572, डायबिटीज के 12, सांप और डॉग बाइट के 12 अस्पताल पहुंचे। कुल 3 हजार 602 मरीज आए। इनमें 241 महिलाएं रोगी। इनमें 686 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए हैं।
एक सरकारी महिला कर्मचारी के नागपुर में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग सतर्कता बरत रहा है। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड के नजदीक स्वाइन फ्लू कक्ष तैयार कर दिया गया है। इसके साथ ही अस्पताल में सर्दी खांसी के मरीजों की स्केनिंग शुरू कर दी गई है। वर्तमान में कोई स्वाइन फ्लू संदिग्ध मरीज नहीं मिला है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों पर जिला अस्पताल सहित पूरे जिले में फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया गया, है तो वहीं सर्दी, खांसी के मरीजों की स्केनिंग भी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल के स्वाइन फ्लू के नोडल ऑफिसर और एमडी डॉ. प्रमोद कुमार मालवीय के मुताबिक सर्दी स्वाइन फ्लू नहीं होती है। स्वाइन फ्लू के अलग लक्ष्ण होते हैं, लेकिन सतर्कता बरती जानी जरूरी है। स्वाइन फ्लू का इलाज दवा उपलब्ध है। यह मरीज में लक्ष्ण पाए जाने पर दी जाती है। सामान्य सर्दी, चार से पांच दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन लंबे समय तक सर्दी खांसी, दमा, बुखार, जैसी स्थिति होने पर ही मरीज संदिग्ध माना जाता है। इधर, बैतूल जिले वर्ष 2011 से स्वाइन फ्लू संदिग्ध को मिलने की शुरूआत हुई है। बैतूल जिले में वर्ष 2013 में 25 मार्च को शहर के चंद्रशेखर वार्ड में रहने वाले एमआर उमप की नागपुर के निजी अस्पताल में स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। इससे पहले चिचोली के कृषि विभाग एडीओ डीके आर्य और पाढर झारकुंड के एलआर राठौर की मौत स्वाइन फ्लू से हो गई थी जबकि चिचोली क्षेत्र में तीन संदिग्ध मिले थे।
जिला अस्पताल में खांसी के मरीज बढ़े। इलाज कराने मरीजों की भीड़ लग रही।
^किसी व्यक्ति को दो हफ्ते से लंबी खांसी, सर्दी, तेज बुखार, छाती दर्द, उल्टी, दस्त हो रहे है। श्वास लेने में तकलीफ, लाल खंखार रही है और दमा, निमोनिया है, तो स्वाइन फ्लू है। इन लक्षणों के होने पर मरीज को डॉक्टर्स से संपर्क करने की जरूरत है। डॉ.प्रमोद मालवीय, स्वाइन फ्लू नोडल आफिसर, बैतूल
^सर्दी-खांसीके मरीज मुंह पर रूमाल या गमछा रखकर छींके। योग्य डॉक्टर्स जिला अस्पताल में आकर उपचार कराएं। स्वाइन फ्लू से डरने की जरूरत नहीं बल्कि बचाव करने की जरूरत है। -डॉ. डब्ल्यूए नागले, सिविल सर्जन, बैतूल
जिला अस्पताल में ये हैं सुविधाएं
जिलाअस्पताल में किसी संदिग्ध मरीज के आने पर टेमीफ्लू दवा देने की सुविधा है। इसके अलावा सीपीओ-2 मशीन से दमा की जांच होती है। 90 फीसदी से कम सीपीओटी होने पर एक्सरे किया जाता है। टेमीफ्लू दवा 48 घंटे के अंदर दी जानी होती है।
कहांहोती है स्वाइन फ्लू की जांच
प्रदेशमें सिर्फ जबलपुर में ईसीएमआर सेंटर है, जहां सैंपल भेजा जाता है। इसमें संदिग्ध मरीज के थ्रोट स्वाब लेकर लेबोरेट्री जांच में भेजा जाता है।
सामान्य सर्दी के लक्षण स्वाइन फ्लू के लक्षण
{सर्दीकुछ दिनों में ठीक हो जाती है। {दो हफ्ते से ज्यादा समय तक रहती है।
{बुखार हल्का रहता है। {इसमें बुखार तेज रहता है।
{दर्द कम होता है। {इसमें बहुत ज्यादा दर्द होता है।
{नाक बहती है। {इसमें नाक कम बहती सूखी रहती है।
{इसमें थकान नहीं होती। { दर्द के साथ थकान ज्यादा रहती है।