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एक घंटे गुल रही बिजली, वार्ड से बाहर आए परिजन

7 वर्ष पहले
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जिला अस्पताल पर भी बिजली कटौती की मार

जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की एंट्री करने में भी बिजली गुल रहने से परेशानी हुई। स्टॉफ नर्सों को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में रजिस्‍टर में एंट्री करनी पड़ी। जनरेटर की व्यवस्था है, लेकिन कुछ जनरेटर चालू नहीं हुए।

इमरजेंसी लाइट में किया चेकअप

जिलाअस्पताल में 1 बजे बिजली गुल हो गई थी। इस दौरान 3 नंबर वार्ड में डॉ. जगदीश घोरे ने इमरजेंसी लाइट में बच्चों का चेकअप किया। अंधेरा होने के कारण बच्चों, परिजनों सहित डॉक्टरों और स्टॉफ नर्सों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों को दवा लिखने एवं परिजनों को किस तरह दवा लेना यह समझाने में भी परेशानियां हुईं।

मोबाइल टार्च की रोशनी में एंट्री

बिजली सप्लाई चालू थी

^जिलाअस्पताल में जनरेटर की व्यवस्था है, किन्हीं कारणों से कुछ देर बिजली गुल रही होगी। हालांकि इमरजेंसी सेवाओं जैसे एसएनसीयू, ओटी में बिजली सप्लाई चालू थी।^ -डॉ. डब्ल्यूए नागले, सिविलसर्जन

वार्ड नंबर 3 में बिजली गुल होने पर डॉक्टर ने इमरजेंसी लाइट में इलाज किया।

नगर संवाददाता|बैतूल

दीपावलीके पहले शहर में बिजली के मेंटेनेंस का काम चल रहा है। रविवार को शहर जिला अस्पताल, सिविल लाइन, कोठी बाजार सहित अन्य क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली गुल रही। इस दौरान जिला अस्पताल भी इससे अछूता नहीं रहा। जिला अस्पताल में दोपहर एक बजे गुल हुई बिजली सप्लाई दोपहर 2 बजे बहाल हो सकी। इस दौरान बच्चा वार्ड में बच्चे और परिजन बेहद परेशान हुए। बिजली गुल होने से सबसे ज्यादा परेशानी 3 नंबर बच्चा वार्ड में हुई। वार्ड में 80 से ज्यादा बच्चे भर्ती हैं, पलंग कम पड़ने पर नीचे गद्दे बिछाकर बच्चों को भर्ती किया गया था। गर्मी से बेचैन हो उठे बच्चों को लेकर परिजन वार्ड के बाहर हवा में उन्हें ले आए।