3 बार मिली ट्रायसिकल, हर बार टूटी
बैतूल. टूटी हुई ट्राइिसकल लेकर कलेक्टोरेट के पास बैठे राजेंद्र धुर्वे।
नगर संवाददाता|बैतूल
जोड़क्यागांव के राजेंद्र धुर्वे को जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र से सोमवार को दो साल में तीसरी ट्रायसिकल दी की गई। इस ट्रायसिकल के टूटने के बाद सोमवार को ही चौथी ट्रायसिकल इश्यू करनी पड़ी। राजेंद्र धुर्वे ट्रायसिकल की क्वालिटी खराब होने की बात कहते रहे, वहीं पुनर्वास केंद्र प्रबंधन कहना था कि पूर्व में भी उन्हें टूटने और गुमने पर ट्रायसिकल इश्यू की जा चुकी है, इस साल 186 ट्रायसिकल बांटी गई है। कोई शिकायत नहीं आई है।
सोमवार दोपहर पैरों से नि:शक्त राजेंद्र धुर्वे विकलांग पुनर्वास केंद्र पहुंचे और उन्होंने नई ट्रायसिकल मांगी। इसी साल 5 अप्रैल को उन्हें ट्रायसिकल दी गई थी, लेकिन उसके गुमने का हवाला वे दे रहे थे। इसीलिए दूसरी इश्यू कर दी गई। वे इसे लेकर कलेक्टोरेट पहुंचे और इसके दो टुकड़े हो जाने की बात कही। इसे बदलकर उन्हें नई दे दी गई। राजेंद्र धुर्वे ने बताया कि ट्रायसिकल की क्वालिटी खराब थी। वेल्डिंग निकलने से वह दो टुकड़े हो गई। इस विषय में जिला विकलांग पुनर्वास केंद्र के जगन्नाथ चंदेलकर ने बताया कि ट्रायसिकल की मजबूती की पूरी जांच की गई थी। सोमवार को भी उन्होंने ट्रायसिकल टूटने की बात कही थी। अब तक 186 ट्रायसिकल बांटी गई है। लेकिन एक में भी शिकायत नहीं आई है।
जानकारीली जाएगी
^मामलेकी जानकारी ली जाएगी। यदि कोई अनियमितता है तो उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।^ डॉ.उषा अजय सिंह, प्रभारीउपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग