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- इधर, कृमि संक्रमण की दवा खाने से दो दर्जन स्कूली बच्चे बीमार
इधर, कृमि संक्रमण की दवा खाने से दो दर्जन स्कूली बच्चे बीमार
इधर, कृमि संक्रमण की दवा खाने से दो दर्जन स्कूली बच्चे बीमार
बैतूल| नेशनलडी-वार्मिंग-डे पर कृमि नाशक दवा खाने से दो दर्जन से अधिक स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इन बच्चों को स्कूल के शिक्षक जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। बच्चों को दवा खाने के बाद से घबराहट, पेट-सिर दर्द होने के साथ उल्टी हो रही थी। इनमें बैतूल के टिकारी स्कूल के 11 बच्चे, बोदल पठार के प्राइमरी स्कूल के 8 बच्चे और खेड़ीसांवलीगढ़ की दो बालिकाएं शामिल हैं। बोदल पठार की आशा तुलसिया बाई ने बताया कि दवा देने के बाद से ही बच्चों की तबीयत खराब होने लगी थी। उनका जी मचलाने लगा और उलटी होने लगी। टिकारी स्कूल के कक्षा 7वीं और 8वीं के छात्र दिलीप, अनिल, अंकुश, जय, आकाश, विशाल, विकास, नवीन अस्पताल पहुंचे। इसी तरह बोदलपठार प्राइमरी स्कूल के कक्षा 3 से 5वीं में पढऩे वाले नीलेश ,शिवराम, मीना, पूनम, पंकज, मनीष, दुर्गा, देविका अस्पताल पहुंचे। जबकि खेड़ीसांवलीगढ़ स्कूल की कक्षा 10वीं की छात्रा ज्योति, निशा को अस्पताल में भर्ती किया।
कृमि नाश होने पर बनती है ऐसी स्थिति
एलबेन्डाजोल दवा देने से पेट में कृमि का नाश होने पर ऐसी स्थिति होती है। जिन बच्चों में ज्यादा कृमि होती है। उन्हें घबराहट, जी-मचलाने, दस्त होने जैसी शिकायतें हो सकती है। इसमें घबराने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. एसके अहिरवार, प्रोग्राम नोडल ऑफिसर, स्वास्थ्य विभाग