मनरेगा के काम में चली गई आंख
बैतूल| मनरेगायोजना के अंतर्गत काम करने वाली एक लड़की आंख फूट गई, लेकिन तो उसे इलाज मिला और कोई आर्थिक मदद मिल सकी। परेशान लड़की ने कलेक्टोरेट में आवेदन देकर मदद की गुहार लगाई है। पाटाखेड़ा गांव की आदिवासी लड़की रीना वीरेंद्र कुमरे ने बताया कि गांव में मनरेगा योजना के अंतर्गत कपिलधारा कूप का निर्माण जा रहा था। इसमें सचिव महेश बंशकार ने उसे गैची से कुआं खोदने के काम में लगाया था। दाहिने तरफ की आंख में पत्थर लग गया। इससे आंख फूट गई। रीना ने बताया कि इस आंख से उसे अब कुछ दिखाई नहीं देता है।
उन्होंने बताया कि आंख में पत्थर लगने के बावजूद पंचायत के माध्यम से इलाज के लिए कोई आर्थिक मदद नहीं दी गई और ही सचिव ने को सुध ली। उन्होंने कलेक्टर से उचित कार्रवाई आर्थिक मदद दिलाए जाने की गुहार लगाई।