धन्यवाद बैतूल
महज दोशब्द हैं। लेकिन, इन चार सालों में हमारे लिए इनका आकार और असर लगातार बढ़ता जा रहा है। 19 सितंबर 2010 को ही आपके अपने अखबार दैनिक भास्कर ने होशंगाबाद से अपनी प्रिंटिंग यूनिट स्थापित कर पूरे संभाग के लिए अखबार का प्रकाशन शुरू किया था। सोच थी पाठकों को ताजातरीन खबरें और सूचनाएं देने की। कोशिश थी खबर की तह तक जाने और उसे एकसाथ समग्र प्रकाशित करने की। लक्ष्य था पाठकों को सूचनाओं और जानकारियों के मामले में सबसे आगे रखने का।
इस दिशा में काफी कुछ हमने हासिल किया। आपने भी सराहना करके हौसला बढ़ाया। भास्कर की लगातार प्रगति और पहुंच इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। आंकड़े भी हैं कि नर्मदापुरम संभाग में इन चार सालों में भास्कर की प्रतियां 70 फीसदी तक बढ़ी हैं। उम्मीद है आने वाले सालों में पाठकों का भास्कर के प्रति यह विश्वास और गहरा होगा।
नर्मदाजी की धारा हमें लगातार अविरल प्रयास करते रहने की प्रेरणा देती है। चार सालों के इस सफर पर हम 4 विशेष पेज दे रहे हैं। कोशिश है कि ये आपको अपने क्षेत्र से और ज्यादा गहराई से जोड़ेंगे।
नर्मदा की यह पट्टी अपनी संस्कृति और धरोहरों के प्रति हमेशा सजग रही है। इसी से विकास का रास्ता भी खुला है। भास्कर ने प्रकृति की इन्हीं नैमतों, सांस्कृतिक उत्सवों, ऐतिहासिक धरोहरों, साहित्य के विशाल स्तभों के साथ विकास की रफ्तार को छूने की कोशिश की है।
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