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6.37 रु. घटे डीजल के दाम, किराया नहीं घटा

6 वर्ष पहले
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-अभी भी 97 पैसे प्रति किमी के हिसाब से लिया जा रहा किराया

- अपडेट नहीं हुई बसों की किराया सूची


बैतूल। डीजल के दामों में भले ही तेजी से गिरावट हुई हो, लेकिन यात्रियों को इससे कोई राहत नहीं मिली है। यात्रियों से वसूला जाने वाला किराया अब तक कम नहीं हुआ है, जबकि बीते दो साल में डीजल के दाम 6 रुपए 37 पैसे प्रति लीटर कम हो चुके हैं।

आरटीओ कार्यालय ने 2013 में नई किराया दरें तय करके सूची बनाई थी। 2013 तक 90 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से किराया निर्धारण होता था। वहीं दिसंबर 2013 से 97 पैसे प्रति किलोमीटर की दर से किराया वसूला जाने लगा। तब से आज तक यही किराया दरें लागू हैं। जबकि दिसंबर 2013 में डीजल के दाम 59 रुपए 87 पैसे थे जो कि 4 फरवरी 2015 से 53 रुपए 5 पैसे प्रति लीटर हो चुके हैं। इस तरह बीते दो साल में डीजल के दाम 6 रुपए 37 पैसे कम हो चुका है। लेकिन बस यात्रियों को कोई राहत नहीं है। यात्रियों से पुरानी दरों के हिसाब से ही किराया वसूला जा रहा है।

रोजाना 120 बसें गुजरती हैं : कोठी बाजार के मुख्य बस स्टैंड से होकर 120 बसें रोजाना गुजरती हैं। इन बसों में बैठकर 7 हजार 500 यात्री रोजाना यात्रा करते हैं। ऐसे में सैकड़ों यात्रियों को डीजल के दाम कम होने के बावजूद कोई राहत नहीं है। उन्हें 2013 में जब डीजल 59 रुपए 87 पैसे था उसी समय के हिसाब से तय किया गया किराया देना पड़ रहा है।

फैक्ट फाइल :

6.37रुपए दो साल में कम हुए डीजल के दाम

120 बसें चलती हैं बैतूल बस स्टैंड से

7,500 यात्री रोजाना करते हैं सफर

2013 में जारी हुई थी नई किराया सूची

97 पैसे प्रति किमी के हिसाब से लिया जा रहा है पैसा

बदलाव संभव नहीं : '' डीजलके दामों में परिवर्तन होता रहता है। फिलहाल दाम कम हैं, लेकिन भविष्य में बढ़ सकते हैं। इससे किराए में बार-बार बदलाव करना संभव नहीं है। लंबे समय तक यदि यही रेट्स रहते हैं तो नया किराया निर्धारण करने पर विचार करेंगे।''- वायएस सेंगर, आरटीओ

मेंटेनेंस का खर्च बढ़ा : '' किराया गवर्नमेंट की ओर से तय किया जाता है। यह काम हमारा नहीं है। वैसे डीजल के अलावा अन्य चीजों पर भी खर्च होते हैं। टायर ट्यूब के दाम डीजल के साथ हर बार बढ़ाए ही गए हैं। बसों का मेंटेनेंस का खर्च तो बढ़ा ही है।^ शरदवागद्रे, सचिव, मोमा एसाे.

तीन महीने में चार बार घटे डीजल के दाम: बीते तीन महीने में चार बार डीजल के दाम घटे हैं। 16 दिसंबर, 20 दिसंबर, 17 जनवरी और 4 फरवरी को डीजल के दाम घटे हैं। केवल चार महीनों में ही डीजल के दाम 56 रुपए 32 पैसे से 53 रुपए 5 पैसे पर गए हैं।

सभी ने कहा जरूरी है किराया घटाना : - सदरनिवासी धीरेंद्र बारस्कर ने बताया कि डीजल के दाम कम हुए हैं। ऐसे में पहले जितना किराया लेना गलत है। इस किराए का नए सिरे से निर्धारण किया जाना जरूरी है।

- दुर्गा वार्ड निवासी शिरीष शर्मा ने बताया कि जब डीजल के दाम बढ़ते हैं तो किराया तुरंत बढ़ा दिया जाता है। लेकिन दाम कम होने पर किराया कम नहीं किया जा रहा है, यह गलत है।

- आठनेर के कृष्णा पाटनकर ने कहा कि नई किराया सूची, डीजल के नए दामों के हिसाब से बनाई जानी चाहिए। इसे बस स्टैंड बसों में चस्पा की जानी चाहिए।

कब कब घटे-बढ़े डीजल के दाम

दिसंब र2013 59 रुपए 87 पैसे

नवंबर 2014 59 रुपए 46 पैसे

16 दिसंबर 2014 56 रुपए 32 पैसे

20 दिसंबर 2014 57 रुपए 16 पैसे

17 जनवरी 2015 55 रुपए 63 पैसे

4 फरवरी 2015 53 रुपए 5 पैसे



तीन साल से नहीं बदली किराया सूची : बसस्टैंड पर जो किराया सूची पटल पर लगाई गई है। वह 1 अगस्त 2012 को लागू की गई थी। उस समय बसों में किराया सूची चस्पा करने के साथ ही यहां किराया सूची लगाई गई थी। इस सूची की वर्तमान में कोई प्रासंगिकता नहीं है। अधिकांश जगहों का किराया बदल गया है। लेकिन अपडेट किराया सूची चस्पा नहीं की गई है।

टिकटों पर स्पष्ट नहीं रहता किराया : बस संचालक जो टिकट यात्रियों को देते हैं, उन पर केवल बस सर्विस लिखा रहता है। इनके ऊपर बस सर्विस का नाम नहीं लिखा होता है। कहां तक यात्रा की जा रही है और कितना किराया है यह भी स्पष्ट नहीं रहता। 1998 में परिवहन निगम बंद होने के बाद से ये टिकट ही बसों में यात्रियों को दिए जा रहे हैं। वहीं बस स्टैंड पर किराया सूची भी अपडेट नहीं है।