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पलेवा के लिए नहरों में 18 दिन बाद छोड़ा जाएगा पानी, किसानों को राहत
फसलों को लाभ का धंधा बनाने के लिए पहल
भिंडविधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने बैठक में कहा कि फसलों को लाभ का धंधा बनाने को लेकर प्रदेश सरकार भरसक प्रयास कर रही है। किसानों की खरीफ अौर धान की फसल की बोवनी के लिए पलेवा के लिए पानी दिया जाएगा। बैठक में कार्यपालनयंत्री केसी धनोतिया, गोहद पीके गच्छ सहित कई अफसर मौजूद थे।
कलेक्टर अपने ऑफिस में जलसंसाधन विभाग के अफसरों के साथ बैठक करते हुए।
धान की फसल के लिए 27 सितंबर से छोड़ा जाएगा पानी।
भास्करसंवाददाता| भिंड
जिलेकी नहरों में रबी फसल की बोवनी से पहले पलेवा के लिए 15 अक्टूबर से नहर में पानी छोड़ा जाएगा। जिला प्रशासन गांधी सागर से कोटा बैराज के माध्यम से चंबल किसानों की फसलों को पानी देगा। धान की फसल के लिए 27 सितंबर को नहर में पानी छोड़ा जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर ने जलसंसाधन विभाग अौर जल उपभोक्ता समितियों के अध्यक्षों के साथ बैठक का आयोजन गुरुवार को किया गया।
कलेक्टर मधुकर आग्नेय ने कहा कि किसानों लहलहाती धान की फसल पक चुकी है। फसल को नुकसान हो इसके लिए 27 सितंबर से आठ दिन के लिए मुरैना जिले के पिलुआ अौर कोतवाल बांध से पानी लिया जाएगा। गोहद में किसानों को नहर के माध्यम से धान की फसल को पानी देने की व्यवस्था की गई है।
कोटाबैराज से छोड़ा जाएगा नहर में पानी: कलेक्टरमधुकर आग्नेय ने कहा कि रबी की फसल की बोवनी से पहले पलेवा के लिए 15 अक्टूबर से कोटा बैराज नहर से जिले भर की नहरों में पानी छोड़ने की व्यवस्था की गई है। इससे जिले के हजारों किसानों की भूमि संचित होगी।