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संस्कार ही हमारी पहचान है : डाॅ. सक्सेना

7 वर्ष पहले
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किसीभीराष्ट्र की पहचान उसकी संस्कृति एवं संस्कार होते हैं। भारतीय संस्कृति विश्व में सर्वोपरि रही है तथा इसे प्रभावी रखने की महती आवश्यकता है। उक्त विचार भारत विकास परिषद के संरक्षक डाॅ. विनोद सक्सेना ने विद्यावती पब्लिक सेंट्रल स्कूल में गुरुवंदन छात्र अभिनंदन के दौरान व्यक्त किए। यह कार्यक्रम शुक्रवार को आयोजित किया गया।

उन्होंने कहा कि तकनीकी विकास में हमारा देश काफी आगे बढ़ा है। इसके कारण विश्व में हमारी पहचान बनी है। कार्यक्रम में परिषद की जानकारी देते हुए प्रांतीय महासचिव डाॅ. एसबी शर्मा ने कहा कि भारत विकास परिषद स्थापना का मूल उद्देश्य भारतीय जनमानस का सर्वांगीण विकास करना है तथा वर्तमान में परिषद के 1250 से अधिक शाखाएं इस हेतु पूरे राष्ट्र में कार्य कर रहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम हमेशा दूसरों की भलाई के लिए सोचें यही सबसे बड़ा धर्म है। इसके पहले कार्यक्रम का शुभारंभ वंदेमातरम गायन एवं भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलित करके किया गया तथा उपस्थित छात्र-छात्राओं को अपने से बड़ों, गुरुजनों एवं माता-पिता के सम्मान की शपथ डाॅ. सुनील त्रिपाठी निराला ने दिलाई। इस अवसर पर संस्था के श्रेष्ठ छात्र रोबिन शर्मा, तनुष्का शर्मा, रोशनी तोमर, रोनित अग्रवाल, हिमांशी जैन, मनीषा कुशवाह एवं अभिलाषा राजावत का परिषद द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया गया।