नए साल में हैं अधिक विवाह मुहूर्त
नयासाल आते ही लोगों को यह जानने की उत्सुकता रहती है कि नए साल में शादी के लिए कौन से मुहूर्त हैं। वर्ष 2015 में मई महीने में सबसे अधिक 17 विवाह मुहूर्त हैं। पंडित राधेश्याम शास्त्री की माने तो नए साल में शादी के अधिक मुहूर्त हैं। वर्ष 2015 में शादी के 64 मुहूर्त हैं। वहीं वर्ष 2014 में 49 मुहूर्त थे। आषाढ़ माह में विवाह का कोई मुहूर्त नहीं बन रहा है।
श्री शास्त्री ने बताया कि नए साल में धनुर्मास के बाद शादियां शुरू हो जाएंगी। इसके बाद कैलेंडर के जून महीने तक विवाह के मुहूर्त हैं। जुलाई महीने की 16 तारीख तक गुरु उच्च राशि में रहेगा। 14 अप्रैल से 15 मई तक मेष राशि का सूर्य रहेगा। ऐसे में विवाह के लिए सिर्फ चंद्रमा का बल ही देखना होगा।
इनमाह में नहीं होंगे विवाह
धनुर्मास: यहमास 16 दिसंबर से 14 जनवरी तक रहेगा।
होलाष्टकमास : 26फरवरी से 14 अप्रैल तक रहेगा।
आषाढ़अधिक मास: 17जून से 16 जुलाई तक रहेगा।
देवशयनकाल: 27जुलाई से 22 नवंबर तक रहेगा।
वर्ष 2015 में विवाह मुहूर्त
जनवरी:21, 26, 27, 29, 30।
फरवरी:8, 9, 10, 11, 15, 22।
मार्च:7, 8, 9,10।
अप्रैल:9,21,22,23,27,28, 29,30।
मई:2, 3,7,8,9,10, 11,12,13, 19, 20, 24,25, 27, 28, 30, 31।
जून:3, 5, 6, 7, 11, 12, 13
नवंबर:4, 5, 14, 17, 18, 19, 24, 26, 27।
दिसंबर:4, 5, 7, 8, 12, 13, 14, 15।
2015 में अधिक मुहूर्त
^2014से अधिक वर्ष 2015 में विवाह के मुहूर्त हैं। धनुर्मास, होलाष्टक मास, आषाढ़, देवशयन मास में विवाह के लिए कोई योग नहीं है। पंडितराधेश्याम शास्त्री, भिंड