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रामपाल आशाराम लक्ष्य से भटके, इसलिए आज वे जेल में
अहिंसा संस्कार पदयात्रा के साथ मुनिश्री का आज मंगल प्रवेश
मुनि प्रसन्न सागर महाराज का आज सुबह साढ़े आठ बजे शहर में होगा मंगल प्रवेश।
भास्करसंवाददाता|भिंड
प्रवचनदेनाकिसी संत की सफलता नहीं होती, ही भीड़ जुटाना साधना की कसौटी है। यदि भगवान का मार्ग अपनाया है, तो लक्ष्य को याद रखना चाहिए। अगर लक्ष्य पर नहीं चल रहे हैं, तो अपने आप को धोखा दे रहे हैं, जो कि सबसे बड़ा पाप है। आशाराम रामपाल भी लक्ष्य से भटक गए। इसीलिए आज वे जेल में हैं। यह बात मुनि प्रसन्न सागर महाराज ने रविवार सुबह बरही स्थित दिगंबर जैन मंदिर में मीडियाकर्मियों से रूबरू होते हुए कही।
उन्होंने कहा कि संत को राजनीति में नहीं आना चाहिए, राजनीति तो गंदा पानी है, लेकिन जहां अच्छाई दिखे उसे जरूर ग्रहण करें। मैं पुण्य का खजाना लेकर भिंड रहा हूं। देश में जिस प्रकार प्रतिस्पर्धा की दौड़ बढ़ रही है, ऐसे में माचिस की आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक आदमी दूसरे आदमी को देख खुद जल रहा है। महावीर स्वामी कहते हैं कि आदमी को देखकर जलना नहीं, आगे बढ़ना चाहिए। मुनिश्री ने कहा कि हम देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बहुत कुछ सीख सकते हैं। उनकी सोच, पक्का इरादा आैर कड़ी मेहनत ही सफलता का कारण हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुनि वही होता है, जो मौन रहे। मुनि को बोलने का अधिकारी नहीं। उपदेश प्रवचन तो आचार्य के क्षेत्र के हैं, लेकिन अपने गुरु (आचार्य) के निर्देश पर मुनि उपदेश प्रवचन दे सकते हैं।
मुनि प्रसन्न सागर महाराज जिले की सीमा में बरही तक चुके हैं। सोमवार को सुबह साढ़े आठ बजे उनका शहर में मंगल प्रवेश होगा। मुनिश्री अहिंसा संस्कार पदयात्रा लेकर रहे हैं। यह यात्रा 13 साल पहले गुवाहटी से शुरू की गई थी। अब तक 52 हजार किमी की पदयात्रा कर चुके हैं। शहर में कीर्तिस्तंभ मंदिर पर उनके द्वारा जिनसहस्त्रनाम जिनेंद्र महा अर्चना विधान यज्ञानुष्ठान विधान कराया जाएगा। इसके लिए मंगलवार को घट यात्रा निकलेगी।
भिंड. बरही जैन मंदिर पर पत्रकारों से बातचीत करते प्रसन्न सागर महाराज।