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स्कूलों में नहीं पहुंच पाई दवाएं अब 14 को बच्चों को खिलाएंगे

6 वर्ष पहले
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जिले के छात्र-छात्राओं को खिलाई जानी थी एल्बेंडाजोल की टेबलेट

भास्करसंवाददाता| भिंड

नेशनलडिवार्मिंग डे पर जिले के स्कूलों में एल्बेंडाजोल की टेबलेट छात्र-छात्राओं को खिलाई जानी थी, लेकिन उसके बाद भी शहर के प्राइवेट स्कूलों में दवाएं नहीं पहुंची। इसकी वजह से छात्र-छात्राओं को टेबलेट नहीं खिलाई गई। उधर सीएमएचओ डॉ राकेश शर्मा ने दावा किया है कि जिले के एक लाख स्कूली बच्चों को टेबलेट मंगलवार को खिलाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 13 लाख रुपए की दवाएं स्कूलों में वितरित करने के आदेश दिए है, लेकिन विभाग के ही कुछ अफसर यह कहते नजर रहे है कि जिले में 13 लाख रुपए की दवाएं स्कूलों में वितरित नहीं की गई है।

प्रमुख सचिव प्रवीर कृष्ण ने डिवार्मिंग डे के अवसर पर मंगलवार को जिले के सभी स्कूलों में हायरसेकंडरी छात्र-छात्राओं को पेट के कीड़े मारने वाले टेबलेट खिलाने के आदेश दिए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग पहले दिन जिले के सभी स्कूलों में टेबलेट वितरित नहीं करा सका। दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि मुन्ना लाल स्कूल, मोर्डन स्कूल, सनराइज पब्लिक स्कूल, केडीआर पब्लिक स्कूल, इम्मानुअल स्कूल, टुवंटीशीटर स्कूल में एल्बेंडाजोल की टेबलेट नहीं पहुंची। प्राइवेट स्कूल के संचालकों का कहना है कि टेबलेट खिलाने को लेकर प्रशिक्षण तो दिया, लेकिन दवाएं नहीं पहुंची।

13 लाख की टैबलेट आईं

अफसरोंकी मानें तो जिले में बच्चों के पेट के कीड़े मारने के लिए 13 लाख रुपए की टैबलेट आई है, लेकिन आज स्कूलों में टैबलेट नहीं पहुंची है, तो वह 14 फरवरी तक स्कूलों में टैबलेटों का वितरण करा देंगे।

स्वास्थ्य विभाग ने बैठक लेकर दिए थे निर्देश

स्वास्थ्यविभाग ने पिछले दिनों बैठक लेकर निर्देश दिए थे कि जिले के सभी प्रधानाध्यापक स्कूलों में दवाएं लेकर खुद पहुंचे। स्कूली छात्राओं को एलबेंडाजोल की चार सौ एमजी की टेबल अलग-अलग बिठाकर खिलाई जाए। बच्चों को टेबलेट खिलाने के बाद पानी पिलाया जाए। टेबलेट खिलाने के बाद प्रधानाध्यापक ब्लॉट मेडिकल अधिकारी जानकारी दें।

प्राचार्यों को दिए यह निर्देश

{स्वास्थ्यविभाग ने स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश दिए है कि बीमार बच्चों को टैबलेट खिलाई जाए।

{स्कूलों में यदि छात्र दवाएं नहीं खाना चाहते है, तो उन्हें इसके महत्व के बारे में जानकारी देकर खिलाए।

{यह टैबलेट बच्चों से लेकर बड़ों के लिए सुरक्षित है।

{शाला त्यागी,शाला अप्रवेशी को दवाएं आंगनबाड़ी केन्द्रों में खिलाई जाएंगी।

साइडइफैक्ट होने पर क्या करें

{साइडइफैक्ट अस्थायी होते है, लेकिन अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ती है।

{जिन बच्चों को अगर साइड इफैक्ट होते है, तो उन्हें अलग-अलग छायादार जगह पर लिटा दे।

{टैबलेट खिलाने के बाद बच्चों को साफ पानी अौर ओआरएस का घोल दें।

भवानीपुरा का सरकारी मिडिल स्कूल में बच्चों को नहीं खिलाई गई दवा।

एक लाख छात्रों को खिलाई दवा

^जिलेके स्कूलों में एक लाख छात्र-छात्राओं को पेट के कीड़े मारने की टैबलेट खिलाई गई है। अगर भूलवश कुछ स्कूल छूट गए है, तो वहां 14 फरवरी तक टेबलेट खिलाई जाएंगी। डॉराकेश शर्मा, सीएमएचओ