धर्म करने से धन घटता नहीं है बढ़ता रहता है : शास्त्री
जौरी ब्राह्मण में कथा के दूसरे दिन भीष्म-दुर्योधन संवाद सुनाया
महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े 16 को आएंगी कथा सुनने
भास्कर संवाददाता | भिंड
धर्म करने से धन घटता नहीं है बल्कि बढ़ता है और खजाने में बढ़ोत्तरी होती रहती है। यह बात धर्माचार्य सेवाराम शास्त्री ने जौरी ब्राह्मण में चल रही श्रीमद भागवत कथा के दूसरे दिन कही। कथा में 16 फरवरी को महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े भी आएंगी।
कथा में उन्होंने कहा कि शायद लोग समझते हैं कि धार्मिक कार्यों में पैसा खर्च करने से धन चला जाता है। जबकि ऐसा नहीं होता बल्कि पैसा और बढ़ता है। उन्होंने कहा कि हमें दिल खोलकर धार्मिक कार्यों पर पैसा खर्च करना चाहिए। उन्होंने भीष्म-दुर्योधन संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि गंगा पुत्र भीष्म को दुर्योधन की कई नीतियां पसंद नहीं थीं। चाहे वह पांडवों को लाक्षागृह में भेजने की बात हो या द्रोपदी का चीरहरण। भागवताचार्य ने कहा कि क्षत्रिय के चेहरे का जब तेज उड़ता है तो समझिए कोई बड़ी बात हो चुकी है। किसी भी स्थिति में किसी भी पुरुष को परकीय नारी के साथ समागम नहीं करना चाहिए। अन्यथा चेहरे का तेज गायब हो जाता है।
शास्त्री जी ने महाभारत से जुड़े कई प्रसंगों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब भीष्म के वाणों से अर्जुन परेशान हो रहे थे तब वे गुरु द्रोणाचार्य के पास पहुंचे थे। गुरु ने पूछा था कि क्यों राजन तुम्हारे चेहरे का तेज क्यों उड़ा हुआ है। आशय है कि कोई बड़ी बात हो तभी चेहरे का तेज उड़ता है। कथा के आयोजक अखिलेश पुरोहित ने बताया कि कथा श्रवण के लिए 16 फरवरी को राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लता वानखेड़े भी आएंगी। इसके लिए वे 15 फरवरी की रात्रि में भिंड पहुंचेंगी। महिला आयोग की अध्यक्ष बनने के बाद वे पहली यहां आएंगी। कथा में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष ओमप्रकाश पुरोहित पूरे समय व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे।
जौरी ब्राम्हण गांव में भागवत कथा सुनतीं महिलाएं। (इनसेट) कथा वाचक।