अॉटो ड्राइवर्स से पुलिस करती है मारपीट
500 ऑटाे चलेंगे
नियमों का उल्लंघन
शहर की सड़कों से पांच सौ ऑटो बाहर करने की तैयारी
{एसपी विनीत खन्ना ने परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौड़ से मांगी ऑटो के संबंध में जानकारी।
भास्करसंवाददाता|भिंड
शहरमेंअधिकांश सड़काें पर ट्रैफिक जाम रहता है। इसकी वजह संकरी सड़कों के साथ-साथ आॅटो की भरमार है। शहर में 1000 से अधिक ऑटो चल रहे हैं, जिनमें कुछ बिना परमिट भी हैं। अब इनकी संख्या सीमित की जाएगी और करीब आधे ऑटो को हटाया जाएगा। इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। बुधवार को एसपी विनीत खन्ना ने इसी संबंध में जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौड़ से जानकारी मांगी है।
मालूम हो कि दूसरे शहरों में सिर्फ सीमित ऑटो को ही परमिट जारी किए जाते हैं। इससे ट्रैफिक व्यवस्था पर असर नहीं पड़ता। भिंड में हर माह नए ऑटो की संख्या बढ़ती जा रही है। बताया जाता है कि जिले में करीब 1400 ऑटो हैं, जिनमें लगभग 1000 ऑटो शहर की सड़कों पर दौड़ रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस ने 738 ऑटो को परमिट जारी किए हैं, बाकी ऑटो बिना परमिट के हैं। ऑटो की बढ़ती संख्या इससे भी भली भांती समझ में आती है कि पिछले छह माह में ही परिवहन विभाग ने 261 ऑटो के लिए फिटनेश सर्टिफिकेट जारी किए हैं।
भिंड. एसपीविनीत खन्ना को ज्ञापन सौंपते ऑटो ड्राइवर।
ऑटो को शहर से बाहर किए जाने के लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। इस प्लान के तहत 500 के लगभग ऑटो चलाने की ही अनुमति दी जाएगी, जो बाकी ऑटो हैं, उन्हें ग्रामीण इलाके के दूसरे रूट पर चलने की परमिट दी जाएगी। एसपी विनीत खन्ना ने मंगलवार को डीटीओ विक्रम सिंह राठौड़ से सभी ऑटो की जानकारी मांगी।
ऑटो यूनियन लगातार ऑटो स्टैंड बनाने की मांग कर रही है, लेकिन शहर में ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां इतनी अधिक तादाद में ऑटो खड़े किए जा सकें। नतीजा स्टैंड ही नहीं बनाया जा सकता। इसके अलावा सड़कों की चौड़ाई भी कम है। ऑटो वाले अपनी मर्जी से किसी भी स्थान पर वाहन खड़े कर लेते हैं। साथ ही, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। इसको देखते हुए इनकी संख्या सीमित की जा रही है।
समस्या | ऑटो की भरमार होने से बाजार में हर समय रहते हैं ट्रैफिक जाम के हालात
प्लान तैयार कर रहे हैं
^ऑटो की संख्या शहर में बहुत ज्यादा है। अब इस संख्या को सीमित किया जाएगा। हम इसके लिए प्लान तैयार कर रहे हैं। मैं इस संबंध में कलेक्टर से भी बात