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10 दिन में तीन हत्या, एक भी आरोपी नहीं पकड़ पाई पुलिस

7 वर्ष पहले
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दिसंबर माह में ही दबोह, रौन मालनपुर में हो चुके हैं तीन मर्डर।

भास्करसंवाददाता| भिंड

मुरैनामें हुई व्यापारी की हत्या के बाद भिंड पुलिस भले ही हाईअलर्ट का दावा कर रही है, मगर जमीनी हकीकत कुछ और है। पिछले 10 दिन में अलग-अलग थाना क्षेत्र में ताबड़तोड़ तीन हत्याएं हो चुकी हैं, लेकिन इन मामलों में कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया है। इससे एक आेर जहां अपराधियों के हौसले बुलंद नजर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पुलिस की कार्रवाई पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।

रेतके विवाद पर हत्या करने वाले चारों आरोपी फरार :एक दिसंबरको रौन थाना क्षेत्र के निवसाई गांव में रेत के विवाद पर मोनू राजावत (25) पुत्र रामवीर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में राकेश पुत्र रामसिया शर्मा निवासी निवसाई, भूरा यादव निवासी ग्राम गोरम, संजू शर्मा निवासी ग्राम गोरम महिपाल राजपूत निवासी कोंध की मढ़ैयन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, लेकिन मामले को 10 दिन बीतने के बाद भी कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

यह मामले भी हैं चर्चित

>आलमपुर में 3 दिसंबर को भाजपा कार्यकर्ता अमित महाजन पर हमला किया गया था। इसके बाद जनता ने थाने का घेराव कर दिया और काफी हंगामा भी किया। हालांकि मामले में पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रामकुमार त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया।

> शहर में 29 नवंबर की रात वार्ड 30 से भाजपा के पार्षद प्रत्याशी दिलीप श्रीवास के घर हमला किया गया। हमले के बाद कुछ दिन तक काफी हंगामा चलता रहा।

> पावई थाना क्षेत्र के रमपुरा गांव में 24 नवंबर को रामलीला मेला के दौरान पुलिस के सिपाही शिवकुमार को एक आरोपी ने भागते-भागते गोली मार दी थी।

> भारौली थाना क्षेत्र के पाखरकापुरा में 22 नवंबर को अज्ञात बदमाश कट्टा अड़ाकर चार लाख रुपए के मवेशी लूट ले गए थे। इस मामले में पुलिस कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर रही है। लूट की घटना ट्रेस नहीं की जा सकी है।

वृद्ध की फांसी पर पुलिस बोली मामला संदिग्ध

6दिसंबर को दबोह थाना क्षेत्र के रोनी गांव में अधेड़ अाज्ञाराम खंगार की हत्या कर दी गई। जमीन को लेकर हुए विवाद पर आरोपियों ने पहले आज्ञाराम की मारपीट की, फिर उन्हें पेड़ से लटकाकर फांसी के फंदे पर चढ़ा दिया। पुलिस ने तत्काल तो चार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया, लेकिन