पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • खुले में फेंक रहे बायो मेडिकल वेस्ट

खुले में फेंक रहे बायो मेडिकल वेस्ट

5 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
इन स्थानों पर फेंका जा रहा वेस्ट
शहर के झांसी मोहल्ला, अटेर रोड, किला के पास, जेल रोड, लश्कर राेड आदि स्थानों पर बायो वेस्ट डाला जाता है। इसके बाद भी इसके रोकथाम के कारागार उपाय नहीं हो पाए हैं। न ही अस्पताल प्रबंधन व प्रशासन ध्यान दे रहा है। वहीं निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम और लैब संचालकों द्वारा सीरिंज, आईबी सेट, इंजेक्शन के टूटे हुए टुकड़े आदि सामान को नाले या कचरापेटी में डाल दिया जाता है। जबकि इसके पास से ही लोग का आना-जाना हर रोज होता है। कई बार तो सफाई कर्मचारी अज्ञानतावश कचरे में आग भी लगा देते है। इस कारण लोगों को यहां से निकलना भी दूभर हो जाता है। लेकिन व्यवस्था में आज तक सुधार नही हो सका। इस तरह की लापरवाही प्रतिदिन देखने को मिलती है। वहीं इंजेक्शन व बाटलों को बीनने वाले नौनिहाल और लोगों को घातक बीमारी हो सकती हैं।

भास्कर संवाददाता | भिंड

शहर में निजी अस्पताल, लैब व क्लीनिक तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही मनमर्जी भी बरती जा रही है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी संस्थाओं से निकलने वाला बायो मेडिकल वेस्ट को सार्वजनिक स्थानों पर खुले में फेंका जा रहा है जो आमजन के लिए नुकसान दायक भी साबित हो सकता है। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग द्वारा खुले में बायो वेस्ट न फेंकने के आदेश भी दिए हैं। लेकिन उसके बाद भी आदेश का पालन होता हुआ नहीं दिखाई नहीं दे रहा है।

मालूम हो कि शहर में संचालित प्राइवेट नर्सिंग होम और प्राइवेट क्लीनिकों में रोजाना हजारों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा भर्ती मरीजों का आंकड़ा अलग है। लिहाजा उसी अनुपात में बड़े पैमाने पर बॉयो मेडिकल वेस्ट भी निकलता है। लेकिन इसके निपटारे के लिए अलग से कोई इंतजाम नहीं है। इन नर्सिंग होम या क्लीनिकों से जितना भी बॉयो मेडिकल वेस्ट निकलता है उसे कचरे के डिब्बे और सड़क के किनारे डाल दिया जाता है। यही नहीं कई बार आग भी लगा दी जाती है, जबकि यह सेहत के लिए काफी हानिकारक है। कचरे में आग लगाई जाती है, सारा धुंआ हवा के साथ लोगों के लिए परेशानी पैदा करता है। बावजूद इस गंभीर मुद्दे पर स्वास्थ्य महकमा लापरवाह बना हुआ है।

नगर पालिका करे कार्रवाई
जिला अस्पताल सहित शहर में संचालित प्राइवेट क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालकों को सख्ती से निर्देश दिए हैं। हालांकि इस पर कार्रवाई नगर पालिका के अफसरों को करना चाहिए। डॉ. राकेश शर्मा, सीएमएचओ

लापरवाही
खबरें और भी हैं...