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एसडीएम भी नपा पहुंचे तो उन्हें भी 10 कर्मचारी मिले गैरहाजिर

5 वर्ष पहले
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गेट बंद कराकर ली एसडीएम ने हाजिरी

एक-एक दिन का वेतन काटने का नोटिस

भास्कर संवाददाता|भिंड

नगरपालिका कर्मचारियों में अफसरों का खौफ रत्तीभर नहीं दिखाई दे रहा है। एक दिन पहले डीएम इलैया राजा टी के निरीक्षण के बाद भी बुधवार को एसडीएम ने जब ऑफिस देखा तो सुबह 10.30 बजे करीब ही दस कर्मचारी गायब थे। इन सबको एक-एक दिन का वेतन काटने के लिए नोटिस जारी किया है। गैरहाजिर कर्मचारियों में एक ऐसा कर्मचारी भी है जिसे मंगलवार को ही बहाल किया गया था, लेकिन बुधवार को वे खुद ऑफिस में समय पर नहीं आ सके।

एसडीएम एवं इंचार्ज सीएमओ बीबी अग्निहोत्री सुबह 10.30 बजे नगर पालिका ऑफिस पहुंच गए। वहां जाते ही उन्होंने पहली फुर्सत में ऑफिस के दोनों गेट बंद कराए और कर्मचारियों की हाजिरी लेने लगे। इस दौरान पांच एआरआई (सहायक राजस्व निरीक्षक) दो सीओ एक सहायक ग्रेड टू कर्मचारी गैरहाजिर रहा। हाजिरी रजिस्टर के मुताबिक कुल 69 कर्मचारियों में दस कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। मालूम हो कि कलेक्टर इलैया राजा टी ने मंगलवार को नपा ऑफिस का मुआयना किया था तो उन्हें 22 कर्मचारी गैरहाजिर मिले थे। उन्होंने सिर्फ एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए, लेकिन बुधवार का दृश्य देखने के बाद अंदाज लगाया जा सकता है कि कर्मचारियों ने समय पर आने के लिए कोई सबक नहीं लिया है।

वेतन काटने दिया नोटिस: एसडीएम ने इन सभी कर्मचारियों को एक-एक दिन का वेतन काटने नोटिस दिया है। इसमें कहा गया है कि 24 घंटे के भीतर जवाब पेश किया जाए। अगर नोटिस का जवाब नहीं मिला तो एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।

यह रहे गैरहाजिर: सगुन सिंह सेंगर सहायक ग्रेड टू, शिवनाथ सिंह एआरआई, अशोक कुमार जाटव एआईआई, राजेश सिंह कुशवाह एआरअाई, किशोरी लाल बाथम एआरआई, पंकज श्रीवास्तव एआरआई, राकेश कोरकू भृत्य, हरज्ञान जाटव भृत्य, अंजली मिंज सीओ, सीमा भदौरिया सीओ गैरहाजिर रहे हैं।

नगरपरिलका में रजिस्टर की जांच करते एसडीएम व प्रभारी सीएमओ।

इधर लापरवाही के कारण शहर विकास को लगा ग्रहण
एसडीएम पर ही है नपा का प्रभार फिर भी धींगामस्ती
खास बात है कि एसडीएम बीबी अग्निहोत्री ने भले ही ऑफिस का मुआयना किया ,लेकिन उनके पास नगर पालिका के इंचार्ज सीएमओ की भी जिम्मेदारी है। नपा में कर्मचारी समय के पाबंद नहीं है तो साफ है कि अग्निहोत्री की कमान ढीली है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि अग्निहोत्री द्वारा दिए जाने वाले निर्देशों का कर्मचारियों पर असर भी नहीं दिख रहा है।

शापिंग कॉम्पलेक्स का पैसा डंप- वर्ष 2002 में राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा आईटीएसएसएमटी योजना के अन्तर्गत माधौगंज हाट में शापिंग कॉम्पलेक्स निर्माण के लिए 1 करोड़ 37 लाख रुपए स्वीकृत किए थे। यह राशि नगर पालिका के खाते में भी आ चुकी थी, लेकिन नपा द्वारा डीपीआर भी तैयार नहीं कराई जा सकी। फाइल बस्ता बंद बनी रही और आखिरकार योजना ही बंद हो गई। हालांकि शापिंग कॉम्लेक्स की राशि की एफडीआर बनाकर उसे बैंक में सुरक्षित रखा गया है।

नहीं बनी आवासीय कॉलोनी: नपा ऑफिस के पीछे कर्मचारियों के लिए आवासीय कॉलोनी प्रस्तावित थी। एचआईजी और एलआईजी श्रेणी के आवास बनाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन कॉलोनी नहीं बनाई जा सकी। इसके लिए आई राशि फिक्स डिपोजिट के रूप में सुरक्षित रखी गई है।

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