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जिले में अभी भी हो रहा है घिसे हुए तराजू-बांट का उपयोग, अधिकारी नहीं कर रहे कार्रवाई
तौल कांटा व बांट का सत्यापन करने विभाग ने करीब 3 साल से नहीं की जांच
भास्कर संवाददाता|भिंड
ये कैसी उपभोक्ता जागरूकता है। ऐसे कैसे उपभोक्ताओं के अधिकार सुरक्षित रहेंगे। स्थिति यह है कि शहर में किराना, राशन दुकान, डेयरी, फल-सब्जी, मिठाई खरीदने वाला ग्राहक किसी भी सामान की खरीदी पर विश्वास के साथ यह नहीं कह सकते की उसे सामान सही तौलकर दिया गया है। शहर सहित अंचल की दुकानों पर बगैर सत्यापित बांट व तराजू का उपयोग दुकानदारों द्वारा किया जा रहा है। तौल कांटा और बांट का सत्यापन करने कार्य नापतौल विभाग द्वारा समय-समय पर नहीं किया जाता है। इसके साथ ही विभाग द्वारा लोगों के लिए जागरूकता अभियान भी नहीं चलाया जाता है।
मालूम हो कि शहर के बाजार में संचालित फल-सब्जी व किराना आदि दुकानों पर नापतौल विभाग द्वारा पिछले तीन साल में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शहर सहित अंचल की किराना सहित आदि दुकानों में बिना सत्यापित इलेक्ट्रानिक तराजू का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे ग्राहकों को कम सामान मिलने की आशंका है। जानकारी के अनुसार जिले में 20 हजार से अधिक छोटे बड़े व्यवसायी हैं। इनमें साप्ताहिक बाजार में फल और सब्जी बेचने वाले व्यापारी भी शामिल हैं। छोटे व्यापारियों की दुकानों में वस्तुओं की बिक्री के लिए आज भी मेन्युअल तराजू बांट का उपयोग अधिक हो रहा है।
जल्द कार्रवाई की जाएगी:
विभाग द्वारा लाेगों को जागरूक करने के लिए कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इसके बाद जिलेभर में अमानक तराजू और बांटों का जो दुकानदार उपयोग कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राजेंद्र मिश्रा, जिला नापतौल अधिकारी, भिंड