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कैसे और क्यों जरूरी है मास्क

6 वर्ष पहले
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एएनएम को स्वाइन फ्लू, एक परिवार के 200 लोग हाईरिस्क जोन में

ऐसे रहें सावधान

स्वाइन फ्लू का इलाज

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मेहगांव में पदस्थ एएनएम संगीता को हुआ स्वाइन फ्लू

भास्करसंवाददाता| भिंड

सामुदायिकस्वास्थ्य केन्द्र मेहगांव की एएनएम संगीता में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में एडमिट करा दिया। कलेक्टर मधुकर आग्नेय बुधवार की दोपहर जिला अस्पताल एएनएम को देखने पहुंचे। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को स्वाइन फ्लू से निपटने को लेकर दिशा निर्देश दिए। उधर स्वास्थ्य विभाग की दो टीमों ने मीरा नगर अौर नफीसा के 200 परिजन का चेकअप कर दवाओं का वितरण किया है। सिविल सर्जन डॉ केके दीक्षित ने कलेक्टर को जानकारी देते हुए कहा कि संदेह के आधार पर दो सौ से अधिक लोगों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

स्वाइन फ्लू से निपटने को लेकर जिला अस्पताल में इंतजाम नहीं है। बुधवार को कलेक्टर मधुकर आग्नेय के सामने सिविल सर्जन डॉ केके दीक्षित अौर सीएमएचओ डॉ राकेश शर्मा ने माना कि स्वाइन फ्लू की टैबलेट स्टोर में कम मात्रा में है। टेमीफ्लू टैबलेट को मंगाने के लिए भोपाल अौर जबलपुर के आला अफसरों को प्रस्ताव भेजे हैं। जल्द ही टैबलेट भिंड जाएंगी, उसके बाद मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा। अभी तक भिंड में स्वाइन फ्लू से एक की मौत हो चुकी है। तीन मरीजों को ग्वालियर रैफर किया गया है। एएनएम संगीता को कैटेगरी -2 के लक्षण पाए गए है।

परिजन ने लगाए आरोप

शिक्षिकाअनीता दुबे जालौन से रिश्तेदारी से लौटकर आई, तो वह स्वाइन फ्लू से पीड़ित हो गई। उनके पति मनोज दुबे ने कहा कि अनीता का इलाज कराने के लिए अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां कोई व्यवस्था नहीं मिली। अगर दो दिन पहले उनका इलाज हो जाता, तो आज उनकी प|ी की मौत नहीं होती।

ग्वालियर भेजने के निर्देश दिए हंै

^स्वाइनफ्लू से निपटने को लेकर व्यवस्थाएं देखने अस्पताल आया था। डॉक्टरों को स्वाइन फ्लू के मरीजों को चिन्हित कर ग्वालियर भेजने के निर्देश दिए है। भिंड के एक मरीज की मौत हो चुकी है। तीन मरीज ग्वालियर रैफर किए गए थे। एएनएम को भी स्वाइनफ्लू हुआ है। मधुकरआग्नेय, कलेक्टर भिंड

अस्पताल में एक मरीज की टैबलेट

जिलाअस्पताल में पांच मरीजों की टेबलेट स्टोर में रखी थी। स्वास्थ्य विभाग ने चार मरीजों को टेबलेट खिला दी। अभी हाल में केवल एक मरीज की टेबलेट स्टोर में बची है। सिविल सर्जन बुधवार को कलेक्टर मधुकर आग्नेय के सामने दावा कर रहे थे कि दो सौ मरीजों की मॉनीटरिंग कर रहे है, तो ऐसे में स्वास्थ्य विभाग टेबलेट कहां से लाएगा। स्वाइन फ्लू से निबटने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पसीने छूट रहे हैं।

ऐसे करें बचाव: {4-5तुलसी के पत्ते, 5 ग्राम अदरक, चुटकी भर काली मिर्च पाउडर और इतनी ही हल्दी को एक कप पानी या चाय में उबालकर दिन में दो-तीन बार पिएं। {गिलोय (अमृता) बेल की डंडी को पानी में उबाल या छानकर पिएं।{आधा चम्मच हल्दी पौन गिलास दूध में उबालकर पिएं।

5 साल से कम उम्र के बच्चे, 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग गर्भवती महिलाएं। जिन लोगों को निम्न में से कोई बीमारी है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।

{फेफड़ों, किडनी या दिल संबंधी रोगों के मरीज।

{मस्तिष्क संबंधी; न्यूरोलॉजिकल

{कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग

{डायबिटीज

{ऐसे लोग जिन्हें पिछले 3 साल में कभी भी अस्थमा की शिकायत रही हो या अभी भी हो।

{शुरुआती लक्षण में डॉक्टर की सलाह लें।

{गर्भवती महिलाओं का प्रतिरोधक तंत्र; इम्यून सिस्टम, शरीर में होने वाले हॉरमोन संबंधी बदलावों के कारण कमजोर होता है। खासतौर पर गर्भावस्था के तीसरे चरण यानी 27वें से 40वें सप्ताह के बीच उन्हें ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है।

कैसे करें बचाव: फइन्फ्लुएंजाइनम-200की चार-पांच बूंदें, आधी कटोरी पानी में डालकर सुबह-शाम पांच दिन तक लें। इसके साथ सल्फर 200 लें। इससे इम्यूनिटी बढ़ेगी और स्वाइन फ्लू नहीं होगा।

{स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सामान्य मास्क कारगर नहीं होता, लेकिन थ्री लेयर सर्जिकल मास्क को 4 घंटे तक और एन-95 मास्क को 8 घंटे तक लगा सकते हैं।

{मास्क मिले तो मलमल के साफ कपड़े की चार तहें बनाकर पर बांधें। इसे धोकर दोबारा भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

{खांसी या जुकाम होने पर मास्क पहनें।