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डॉक्टर बंदरों को भगाने के लिए चलाएंगे पटाखे

7 वर्ष पहले
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जिला अस्पताल में 50 से अधिक मरीजों को बंदरों ने किया घायल।

भास्करसंवाददाता | भिंड

जिलाअस्पतालमें ओपीडी अौर वार्डों में बंदरों का आंतक है। पिछले एक महीने में बंदर 50 से अधिक मरीजों को घायल कर चुके हैं। रविवार को स्पेशल वार्ड के भीतर बंदर घुस गया। मरीज बंदर के डर से पलंग छोड़कर भाग खड़े हुए। सीएमएचओ डॉ. राकेश शर्मा ने जिला अस्पताल से बंदरों को भगाने के लिए पटाखे अौर पिंजरा खरीदने के आदेश दिए हैं। डॉक्टर अौर नर्स बंदरों को भगाने के लिए पटाखे चलाते नजर आएंगे।

जिला अस्पताल में रविवार को स्पेशल वार्ड में शाम चार बजे बंदर घुस गया। पलंग पर लेटे मरीजों के ऊपर बंदर ने हमला बोला दिया। बंदर से घबराए मरीजों ने पलंग छोड़कर अस्पताल के बाहर निकल आए। सुरक्षा गार्डों ने लाठियों के सहारे बंदर को अस्पताल के बाहर भगाया। उसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने बंदरों को भगाने के लिए पटाखों का सहारा लेने का निर्णय लिया है।

बंदरोंका ओपीडी में आतंक: जिलेभर के मरीज जिला अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टरों से इलाज कराने को लेकर कतराने लगे हैं। ओपीडी के भीतर बंदर कई बार मरीजों पर हमला कर घायल कर चुके हैं।

मरीजोंकी सुरक्षा के लिए आएंगे पिंजरे: जिलाअस्पताल परिसर में बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग के कर्मचारियों की सहायता ली जाएगी। स्वास्थ्य विभाग बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा खरीदेगा। इसके आदेश शनिवार को ही जारी किए गए हैं।

पटाखे खरीदे जा रहे हैं

^जिलाअस्पताल परिसर में बंदरों ने मरीजों को घायल किया है। वार्डों में घुसकर बंदर उत्पात मचाते हैं, जिसकी वजह से कई मरीज भी घायल हुए हैं। बंदरों को भगाने के लिए पटाखे खरीदे जा रहे हैं। साथ ही एक पिंजरा भी अस्पताल प्रशासन लाएगा। डॉ.राकेश शर्मा, सीएमएचओभिंड

जिला अस्पताल परिसर में नेत्रालय में मरीज बंदरों के डर की वजह से इलाज कराने नहीं जाते हैं। नेत्रालय विभाग के डॉक्टरों ने भी सीएमएचओ को इस बात की शिकायत की है। सीएमएचओ का कहना है कि अस्पताल में बंदरों के आंतक से डॉक्टर भी भयभीत हैं।

आंखों के अस्पताल में बंदरों के डर से नहीं जाते मरीज